स्कूल खोलने केंद्र सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, अब इन इलाकों में खुल सकेंगे स्कूल

स्कूल खोलने केंद्र सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, अब इन इलाकों में खुल सकेंगे स्कूल नई दिल्ली। देशभर में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। यह बयान स्वास्थ्य मंत्रालय का है। केस कम होने से जन-जीवन सामान्य की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में कई राज्यों में स्कूल भी खोले जा रहे हैं। स्कूल खोलने के साथ ही राज्यों ने बहुत से नए नियम भी लागू किए हैं, ताकि छात्रों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा सके। इस प्रयास को एक कदम आगे और बढ़ाते हुए केंद्र ने स्कूलों के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। अब देशभर के सभी स्कूल इन्हीं कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए खुलेंगे और सभी नियमों का ध्यान रखेंगे। यह भी पढ़े- नीट पीजी 2022 परीक्षा किया गया स्थगित, स्वास्थ्य मंत्रालय ने लिया फैसला स्कूलों के लिए केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस

  • छात्रों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखना
  • यदि कोई स्टाफ कंटेनमेंट जोन में रहता हो तो उसे स्कूल आने की इजाजत नहीं होगी।
  • स्कूल में उचित सफाई और स्वच्छता सुविधाओं को सुनिश्चित हो
  • स्टाफ रूम, ऑफिस एरिया, असेंबली हॉल और अन्य कॉमन एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो
  • स्कूलों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी स्कूल कार्यक्रम न करें जहां सोशल डिस्टेंसिंग संभव न हो
  • सभी छात्रों और कर्मचारियों को फेस कवर/मास्क पहनकर स्कूल आना होगा
  • मिड-डे मील के वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग को बनाना होगा
  •  स्कूल सभी कक्षा के छात्रों को एक साथ न बुलाते हुए अलग-अलग समय पर बुला सकते हैं। कैम्पस में एक साथ बहुत ज्यादा छात्रों को आने की आज्ञा नहीं होगी। अलग-अलग समय पर अलग-अलग क्लास को बुलाया जाएगा
  • छात्रों को जब वे चाहें घर से पढ़ाई करने की छूट भी देनी होगी। अटेंडेंस के मामले में भी पहले जैसी सख्ती न बरतते हुए 100 प्रतिशत अटेंडेंस का नियम लागू नहीं किया जाएगा।
  • एनसीईआरटी द्वारा डिजाइन किया गया अल्टरनेटिव कैलेंडर भी चलता रहेगा खासकर उन छात्रों के लिए जिनके पास डिवाइस नहीं हैं।
यह भी पढ़े- गलवान घाटी झड़प : चीन की ओछी हरकत, भारत ने डिप्लोमैटिक बायकॉट का लिया फैसला  इन छात्रों पर रहेगा ध्यान वे छात्र जो कैम्पस आकर पढ़ना चाहते हैं ऐसे में उस श्रेणी को ज्यादा महत्व दिया जाएगा जिनके पास सुविधाएं नहीं हैं या जो माइग्रेंट, होमलेस या कोविड में किसी परिवारिक सदस्य को खोने वालों में से हैं। पढ़ाई के नुकसान को भरने के लिए न केवल ब्रिज क्लासेस चलाई जाएंगी बल्कि छात्रों से लेकर, शिक्षकों और स्टाफ तक सभी के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाएगा।

राज्य सरकार लें निर्णय

केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइंस में कहा गया कि राज्य स्थानीय स्थिति के आधार पर स्कूल खोलने का निर्णय ले सकते हैं। बच्चों के स्कूल जाने पर फैसला पेरेंट्स से बात करके होगा। बच्चे यदि स्कूल नहीं आना चाहते हैं तो उपस्थिति को लेकर छूट दी जाए। केंद्र ने कहा है कि अगर स्कूल में पर्याप्त जगह है तो बच्चों को खेल-कूद, गीत-संगीत सहित अन्य एक्टिविटी की छूट होगी। स्कूल के समय को कम किया जा सकता है। कृषि मजदूर न्याय योजना : राहुल गांधी बोले- अमीर भारत के लोग सोचते हैं, गरीब भारत शांत-डरपोक है, मैं कहता हूं उनमें अपार शक्ति है

स्कूल खोलने के लिए 5 प्रतिशत से कम हो कोविड पॉजिटिव रेट  

नीति आयोग के सदस्य वी.के.पॉल के मुताबिक, कोविड-19 के नए मामलों में लगातार गिरावट देखने को मिली है और पहले से स्थिति में सुधार आया है। देशभर के 268 जिलों में कोविड पॉजिटिव रेट 5% से कम है। इन जिलों में स्पष्ट रूप से स्कूलों को फिर से खोलने की दिशा में बढ़ा जा सकता है। इस संबंध में फैसला राज्य सरकारों को करना होगा। जिसके बाद राज्य चाहे तो स्कूलों को फिर से खोल सकती है। Under 19 Cricket World Cup : भारत ने ऑस्ट्रेलिया को एकतरफा हराया, फाइनल में किया प्रवेश, जानें जीत के हीरो

11 राज्यों में खुल चुके हैं स्कूल

 शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने एक बयान जारी कर कहा है कि 11 राज्यों में स्कूल पूरी तरह से खुले हैं, जबकि 16 राज्यों में ज्यादातर उच्च कक्षाओं के स्कूलों को खोल दिया गया है। वहीं, 9 राज्य ऐसे हैं जहां स्कूल बंद हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने इस संबंध में एक नई और संशोधित गाइडलाइन और कोविड प्रोटोकॉल जारी किया है। इन सभी प्रोटोकॉल का पालन स्कूल खोलने के दौरान किया जाएगा।

 देश में कोरोना

देश में गुरुवार को 1.47 लाख नए मामले सामने आए। इस दौरान 2.45 लाख लोग ठीक हुए, जबकि 1,071 लोगों की मौत हुई है। इससे एक दिन पहले बुधवार को 1.72 लाख केस मिले थे। पिछले दिन के मुकाबले 25,231 कम नए संक्रमित मिले हैं, यानी 14.63% कम नए केस मिले है। तीसरी लहर में पहली बार 1.5 लाख से कम नए केस मिले हैं। पिछले दिन के मुकाबले एक्टिव केस की संख्या में करीब 99,675 की कमी हुई है। इस समय में देश में कुल कोरोना केस की संख्या 4.19 करोड़, जबकि कुल रिकवरी 4 करोड़ और कुल मौतें 5 लाख तक पहुंच चुकी है। क्रिप्टोकरेंसी पर बड़ा ऐलान, रिजर्व बैंक लाएगा अपनी डिजिटल करेंसी Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaroun