रायपुर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया बोले- हवाई यात्रा सुविधाओं के विस्तार में राज्य सरकार का अड़गा, लगाए कई आरोप रायपुर। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज बजट की जानकारी देने छत्तीसगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पत्रकारों से बात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में हवाई यात्रा सुविधाओं के विस्तार में देरी पर सवाल किया गया। लेकिन इसका ठीकरा केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार पर फोड़ दिया। सिंधिया बोले कि, राज्य सरकार हवाई सेवा के विस्तार के लिए जमीन नहीं दे रही है। बिलासपुर में जो जमीन आवंटित थी, उसे कैंसिल कर दिया गया। सिंधिया ने कहा, उनका मंत्रालय रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अम्बिकापुर हवाई अड्डों का विस्तार और कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं बनाने के लिए हमें रनवे और दूसरी सुविधाओं को बढ़ाना था। रायपुर में हमने रनवे बढ़ा लिया, लेकिन उससे लगी सुविधाएं नहीं बढ़ पा रही हैं। वहां 24 एकड़ जमीन चाहिए, लेकिन राज्य सरकार उसको हैंडओवर नहीं कर रही है। वह जमीन हमें नहीं मिली। बिलासपुर में तो हवाई अड्डे के लिए आवंटित जमीन को कैंसिल कर दिया गया। सिंधिया ने बताया कि मुख्यमंत्री से इस संबंध में कई बार चर्चा करने की कोशिश की लेकिन पता नहीं क्यों उनकी रुचि नागर विमानन में नहीं है। रायपुर हवाई अड्डे पर कार्गो सुविधा को बढ़ाने की बड़ी योजना है। अभी 460 वर्गमीटर का कार्गो एरिया है, इसको बढ़ाकर 4500 वर्गमीटर करने की योजना पर काम चल रहा है। यह होगा तो यहां से प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन कार्गो का व्यापार हो जाएगा। बिलासपुर-रायगढ़ में नहीं मिली जमीन केंद्रीय मंत्री सिंधिया का कहा है कि, बिलासपुर में 350 एकड़ की जमीन AAI (एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया) को आवंटित होनी है। उसकी प्रक्रिया कई सालों से चल रही है। छत्तीसगढ़ सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई। रायगढ़ एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 280 करोड़ रुपए रेखांकित किए गए हैं। वहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल और दूसरी सुविधाओं के लिए 592 एकड़ जमीन आवंटित होनी है, लेकिन राज्य सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी। नई रेल लाइनों का सर्वे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ में पांच नई रेल लाइनों के सर्वे के लिए एलॉटमेंट हुआ है। इसमें साजा-भाटापारा, बीजापुर-किरंदुल, नारायणपुर-दंतेवाड़ा जैसी पांच परियोजनाएं हैं। पेण्ड्रा रोड से गेवरा तक 121 किमी की नई रेल लाइन बनेगी। वहीं दुर्ग से बिलासपुर के बीच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की तैयारी पूरी है। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच इंडस्ट्रियल कॉरीडोर होगा। केंद्र सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, अब इन इलाकों में खुल सकेंगे स्कूल क्रिप्टोकरेंसी पर बड़ा ऐलान, रिजर्व बैंक लाएगा अपनी डिजिटल करेंसी Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaroun