सर्पदंश के बाद नहीं कराई इलाज, झाड़ फूंक के कारण मौत

सर्पदंश के बाद नहीं कराई इलाज, झाड़ फूंक के कारण मौत अंबिकापुर। झाड़ फूंक के चक्कर में सर्पदंश पीड़ित पंडो की मौत हो गई। सांप काटने के बाद अस्पताल जाने के बजाय वह झाड़ फूंक कराने एक गांव से दूसरे गांव घूमता रहा। आखिरकार उसकी मौत हो गई। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत सूलसूली की है। ग्राम सूलसूली आमाटिकरा निवासी इंद्रदेव पंडो पिता बुधन पण्डो (35 वर्ष) की बुधवार सुबह मौत हो गई।मृत क मूलतः धनमार भीतरचुरा का निवासी था। वर्तमान में ससुराल में रहता था। इसके दो पुत्र और दो पुत्री हैं। परिवार में पत्नी और वृद्ध पिता समेत कुल सात लोग है। घर पर यही एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद अब परिवार के समक्ष जीविकोपार्जन की समस्या उतपन्न होने से चिंता घर कर गई है। सरकारी कर्मचारी आदत से मजबूर, नहीं सुधरेंगे, सप्ताह में 2 दिन छुट्टी का असर नहीं, कार्रवाई के लिए निकालना पड़ा आदेश बताया जा रहा रहा है कि इंद्रदेव पण्डो बीते गुरुवार की शाम को मवेशियों को लेने जा रहा था उसी दौरान उसे सांप ने काट लिया था। अज्ञानता के कारण अस्पताल में इलाज न करा कर झाड़ फूंक और जड़ी बूटी कराने के लिए आरागाही, वाड्रफनगर, आबिकापुर में घूमता रहा। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को दिया झटका, प्रस्ताव किया खारिज Ind Vs WI : रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत की पहली जीत, विराट ने दिया ये रिएक्शन Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaroun