शराब बंदी कब होगा : मुख्यमंत्री भूपेश ने मरकाम के बयान का किया समर्थन, लेकिन तारीख नहीं बताया रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार दोपहर को उत्तरप्रदेश झांसी के लिए रवाना हो गए। इससे पहले बघेल ने रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से विभिन्न मुद्दों पर बातें की। शराब बंदी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने मोहन मरकाम के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा मरकाम ने कोई गलत बात नहीं कही है। बीजेपी अपनी मेनिफेस्टो को पढ़ती नहीं है हमारे मेनिफेस्टो को रट्टा मार रखी है। अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं में चर्चा करके ही कोई निर्णय लिया जाता है। इसलिए घोषणा पत्र में विशेष तौर पर उल्लेख किया गया था अनुसूचित क्षेत्रों में रायशुमारी करने के बाद यह बातें लिखी गई है। मोहन मरकाम ने कोई गलत बात नहीं कहा है। मुख्यमंत्री ने नहीं बताया कि आखिर इन क्षेत्रों में ग्राम सभाओं का आयोजन कब होगा। मैदानी इलाकों में तो कोई समस्या नहीं है। यह भी पढ़े- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम बोले- इन क्षेत्रों में शराबबंदी असंभव, भाजपा ने कितने वादे पूरे किए इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बीजापुर की घटना को दुर्भाग्य जनक बताते हुए कहा कि, जवान की शहादत बेकार नहीं जाएगी। लगातार नक्सलियों को पीछे धकेलने का काम हमारे जवान कर रहे हैं। नक्सली लगातार बैकफुट पर है। बीजेपी के आरोप पर बोले, 15 साल तक डॉ रमन सिंह मुख्यमंत्री थे 3 ब्लॉकों में नक्सली थे वह बढ़कर 14 जिलों में चले गए क्या उनकी उपलब्धि है। लगातार आप देखेंगे कि 3 वर्षों में घटनाएं भी कम हुई है। हमारे शासनकाल में नक्सलियों के बड़े नेता बंदूक के साथ सलेंडर कर रहे है। हमारी सरकार नीति के हिसाब से काम हो रहा है। जनता का विश्वास जवानों महिलाओं का छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति बढ़ा है। इसी कारण अब जब नक्सली चिट्ठी लिखते हैं कि हमें भर्ती करने में बहुत दिक्कतें हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेश ने राज्यसभा में सांसद रामविचार नेताम के द्वारा उठाए गये सवाल पर कहा कि, छत्तीसगढ़ में जहां तक बात है सारे पैरामीटर में छत्तीसगढ़ अग्रणी है। डॉ रमन सिंह द्वारा पत्र लिखे जाने पर सीएम ने कहा कि, बीजेपी पर तंज कसते हुए बोले कि उनके कार्यकाल में एक भी हवाई अड्डा शुरू नहीं हो पाया था। हमारे कार्यकाल में जगदलपुर बिलासपुर में शुरुआत किया गया है। अंबिकापुर का जो हवाई अड्डा है उसको भी डिवेलप कर रहे है। रायपुर में आकर केंद्रीय मंत्री सिंधिया झूठ बोल रहे है। मांग को लेकर हम लोगों ने पहले भी केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की थी। रायपुर दौरे पर सिंधिया आए थे तो क्या दे के गए हैं छत्तीसगढ़ को, छत्तीसगढ़ की रेकी करने आए थे क्या बेचा जा सकता है।