विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने से जनता का नुकसान, सरकार ने विपक्ष को बताया जिम्मेदार

विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने से जनता का नुकसान, सरकार ने विपक्ष को बताया जिम्मेदार रायपुर। विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने से जनता का नुकसान हुआ है। उनके जो प्रश्न है, वह सदन में उठा। किसानों का मुद्दा, कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बिजली बिल समेत कई ऐसे मामले थे, जिससे आमजन परेशान है। लेकिन ठीकरा सरकार ने विपक्ष पर फोड़ा है। संसदीय मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि हम सदन से नहीं भाग रहे हैं लेकिन विपक्ष सदन में चर्चा ही नहीं करना चाहते। सत्र अवधि से पहले समाप्त हुआ है जिसका जिम्मेदार विपक्ष है। वे आधा घंटा किसी विषय पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं, विपक्ष को क्या करना चाहिए मैं सुझाव नहीं देता, लेकिन अगर वह चर्चा नहीं करेंगे तो सदन की कार्यवाही कैसे बढ़ाई जा सकती है। सरकार की ओर से हमारी पूरी तैयारी है। 

विपक्ष गुटों में बंटी हुई है

मंत्री चौबे ने कहा कि विपक्ष गुटों में बंटी हुई है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक जब चर्चा चाहते हैं बृजमोहन अग्रवाल, शिवरतन शर्मा, अजय चंद्राकर बहिर्गमन कर देते हैं अजय चंद्राकर जब भाषण देने के लिए खड़े होते हैं तो धरमलाल कौशिक उस पर वर्क आउट करा देते हैं। 15 मिनट में चर्चा करते हैं, 20 मिनट में वाकआउट करते हैं। आधे घंटे बाद गर्भ गृह में जाकर सदन से बाहर जाते हैं। मुश्किल से 40 मिनट विधानसभा में रहते हैं। गांधी जी की प्रतिमा के पास जाकर धरना देते हैं। यह भी पढ़े- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम बोले- इन क्षेत्रों में शराबबंदी असंभव, भाजपा ने कितने वादे पूरे किए

केंद्र की टीम का करेंगे स्वागत

आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों और महिलाओं की मौत के आंकड़ों पर केंद्र सरकार अपनी टीम यहां भेजें भी तो उनका स्वागत करेंगे। केंद्र सरकार की योजनाओं की दुर्गति बताएंगे। केंद्र सरकार द्वारा पैसा रोककर छत्तीसगढ़ की उपेक्षा करने का काम किया जा रहा है, उसे भी बताएंगे। रामविचार नेताम के प्रश्न पर विश्वास नहीं किया जा सकता। छत्तीसगढ़ के वर्तमान हालात में काफी कुछ बदल चुका है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के जरिए कुपोषण से लड़ाई जारी है। हम कुपोषण से निजात पा रहे हैं, स्थिति थोड़ी अलग है।

छत्तीसगढ़ को केवल  33% खाद मिला

 मंत्री ने कहा कि इस बार 98 लाख मिट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। किसानों के खातों में पैसे हस्तांतरित किए गए हैं। धान उठाई में तेजी आई हैष खाद की कमी को लेकर कहा कि केंद्र से हमें केवल 35% फर्टिलाइजर की सप्लाई हुई है। सारे हिंदुस्तान में खाद का संकट है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश संकट से जूझ रहे। केंद्र से अनुरोध करेंगे कि जितने खाद  की सहमति केंद्र सरकार ने दी है उसे पूरी करें। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को दिया झटका, प्रस्ताव किया खारिज Our players have understood their roles and responsibilities: Dhoni on turnaroun