शराब बंदी नहीं, अब बिक्री बढ़ाने पर चर्चा, ओवर रेट, मिलावटी पर कार्रवाई के निर्देश, लेकिन दुकानों में लूट मची है
शराब बंदी नहीं, अब बिक्री बढ़ाने पर चर्चा, ओवर रेट, मिलावटी पर कार्रवाई के निर्देश, लेकिन दुकानों में लूट मची है
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आए तीन वर्ष हो चुके हैं। लेकिन शराब बंदी पर अभी तक फैसला नहीं हुआ है। सिर्फ कमेटी बनाकर ध्यान भटकाने की कोशिश हुई है। कुछ दिनों पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने साफ तौर पर कह दिया कि आदिवासी इलाकों में शराब बंदी असंभव है। जिसका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी समर्थन किया। लेकिन घोषणा पत्र में जो वादे उसे कब पूरा करेंगे।
अब इन चर्चाओं के बीच आबकारी विभाग के सचिव ने अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में रेवेन्यु बढ़ाने पर चर्चा की गई। यानी की सरकार की खूब कमाई होगी। इससे अपराध, दुर्घटना, पारिवारिक कलह समेत कई मामलों में वृद्धि होगी।
इस बैठक में प्रदेश में अवैध और कच्ची शराब की बिक्री के साथ ही मिलावटी शराब बेचने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके लिए आबकारी विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया जाएगा।
अधिकारियों के मिलीभगत से ओवर रेटिंग, नहीं होती कार्रवाई
बैठक में कहा गया कि मिलावटी शराब और ओवररेटिंग के मामलों का एफआईआर दर्ज कराया जाए। उन्होंने कहा कि देशी-विदेशी मदिरा दुकानों में ओवररेट शराब विक्रय पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध बर्खास्तगी की कार्यवाही की जाएगी। इन मामलों के संरक्षण देने वाले संबंधित अधिकारियों पर भी कड़ी कार्यवाही होगी। लेकिन अधिकारी सिर्फ निर्देश देते है, संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं करते। बलौदाबाजार समेत कई जिलों के शराब दुकानों में अधिक मूल्य पर शराब बेचने की शिकायत कई बार की गई। लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। टोल फ्री तो सिर्फ नाम का रह गया है।
गौरतलब है कि आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने अवैध शराब की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उनके निर्देश पर आबकारी विभाग के सचिव निरंजन दास ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। इन प्रकरणों पर सख्ती से कार्रवाई कर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में यदि विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरूद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी सचिव ने अधिकारियों के साथ आबकारी विभाग की रेवेन्यु बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देशी-विदेशी मदिरा दुकानों को कम्पोजिट किया जाए। इसी प्रकार मांग के अनुरूप इन दुकानों में संबंधित ब्रांड का स्टॉक रखा जाए।
आबकारी सचिव ने कहा कि अन्य राज्यों से अनाधिकृत रूप से छत्तीसगढ़ में आने वाली शराब पर भी कड़ाई से नियंत्रण रखा जाए। राज्य के सीमावर्ती जिलों में इसके लिए विशेष रूप से निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से समन्वय कर चेकपोस्ट की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से यात्री तथा ट्रांसपोर्ट वाहनों में छिपाकर लाई जाने वाली शराब पर भी निगरानी रखी जाए।
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