रंग लायी स्थानीय कुलपति की मांग, कुकराचुंदा निवासी डॉ गिरीश चंदेल को मिली इंदिरा गांधी कृषि विवि की जिम्मेदारी

रंग लायी स्थानीय कुलपति की मांग, कुकराचुंदा निवासी डॉ गिरीश चंदेल को मिली इंदिरा गांधी कृषि विवि की जिम्मेदारी रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में स्थानीय कुलपति की मांग पिछले दिनों तेज हुई थी। स्थानीय अधिकारी एवं कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया था। परिसर में प्रदर्शन कर राज्यपाल तक अपनी आवाज पहुंचायी थी। जिसके चलते राज्यपाल अनुसुइया उइके तक को बयान देना पड़ा। मुख्यमंत्री ने तो स्थानीय लोगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था। अब आंदोलनकारी कर्मचारियों की जीत हुई है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति अनुसुईया उइके ने डॉ. गिरीश चंदेल, विभागाध्यक्ष, डिपार्टमेंट ऑफ प्लांट मॉलिक्यूलर बॉयोलॉजी एवं बॉयोटेक्नोलॉजी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। यह नियुक्ति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम, 1987 (क्रमांक 20 सन् 1987) की धारा 14 की उपधारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। इस संबंध में आज आदेश जारी किया गया।

कौन है डॉ गिरीश चंदेल

उल्लेखनीय है कि डॉ. गिरीश चंदेल, देश के प्रख्यात पौध प्रजनक और जैव प्रौद्योगिकी के वैज्ञानिक हैं। छत्तीसगढ़ के सिमगा, हथबंद के ग्राम-कुकरा चुन्दा के मूल निवासी डॉ. चंदेल को कृषि शिक्षा अनुसंधान और विस्तार प्रबंधन का 30 वर्षों का अनुभव है, जिसमें 07 वर्षों का अनुभव विशेष रूप से सूखे और पोषण अनुसंधान के लिए अत्याधुनिक स्टेट ऑफ आर्ट बुनियादी सुविधाओं के निर्माण और पोषण प्रबंधन पर रहा है। डॉ. चंदेल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान एवं विकास कार्यों का वृहद अनुभव है। उन्होंनेे इंटरनेशनल जेनेटिक इंजीनियरिंग एवं बॉयोटेक्नोलॉजी सेंटर में पी एच.डी. फेलो तथा इंटरनेशनल राईस रिसर्च इंस्टीट्यूट में विजिटिंग वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया है।