तालाब खनन में गड़बड़ी का मामला, मत्स्य विभाग के 2 अधिकारियों पर कार्रवाई रायपुर। प्रदेश में मछली पालन के लिए सरकार प्रोत्साहन दे रही है, लेकिन अधिकारी उसमें भ्रष्टाचार कर किसानों को हतोत्साहित कर रहे हैं। विभाग का ऐसा ही मामला सामने आया है। अधिकारियों ने तालाब खनन में गड़बड़ी कर दिया। इसकी जानकारी होने पर मत्स्य विभाग ने 2 अधिकारी को निलंबित कर दिया। मछली पालन विभाग के संचालक नारायण सिंह नाग ने बताया कि कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखण्ड में मछली पालन हेतु तालाब खनन में गड़बड़ी का मामला पाए जाने पर सहायक संचालक मछली पालन कांकेर सहित कुल चार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि तालाब खनन में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर कलेक्टर कांकेर द्वारा इस मामले की जांच में शिकायत सही पाए जाने पर सहायक संचालक मछली पालन कांकेर सुदेश कुमार साहू, एएफओ टी.आर. भंडारी, मत्स्य निरीक्षक अशोक गाइन एवं दिनेश कुमार श्रीवास्तव को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया था। बेरोजगारों के साथ भूपेश सरकार की साजिश! कंप्यूटर के जमाने में शीघ्रलेखन सर्टिफिकेट किया अनिवार्य, जानिए सहायक ग्रेड-3 की नौकरी मेें कैसे हो रहा खेला इसके बाद विस्तृत जांच पड़ताल में सहायक संचालक साहू एवं मत्स्य निरीक्षक दिनेश कुमार श्रीवास्तव की संलिप्तता न पाए जाने के कारण उक्त दोनों अधिकारियों को बहाल कर दिया गया है। निलंबित एएफओ टी.आर. भंडारी एवं मस्त्य निरीक्षक अशोक गाइन के विरूद्ध विभागीय जांच चल रही है। संचालक नाग ने बताया कि विभागीय जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर शासन को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन हेतु तालाब खनन योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही कृषकों को अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा महिला वर्ग के हितग्राहियों को 60 प्रतिशत अनुदान योजना के तहत दिया जाता है। रूस-यूक्रेन जंग असर : कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम वृद्धि, और महंगा होने की आशंका Microsoft CEO Satya Nadella’s Son, Zain, Dies At 26