किसानों का जबर आंदोलन, परिवारों के साथ मंत्रालय घेरने निकले, फोर्स ने रास्ते में रोका

किसानों का जबर आंदोलन, परिवारों के साथ मंत्रालय घेरने निकले, फोर्स ने रास्ते में रोका रायपुर। नवा रायपुर के प्रभावित किसान अपनी मांगों को लेकर एनआरडीए भवन के सामने 60 दिन से आंदोलनरत है। हजारों किसान आज अपने परिवारों के साथ मंत्रालय का घेराव करने निकले थे। लेकिन प्रशासन ने मंत्रालय की ओर जाने वाले सारे रास्तों पर बेरिकेटिंग कर रास्ते में ही रोक दिया। नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपेन चंद्राकर ने मीडिया को बताया कि हमें बेरियर पर रोक लिया गया गया है। हम गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। नवा रायपुर की स्थापना से प्रभावित हुए गावों के किसानों की मांग है कि उन्हें सम्पूर्ण बसाहट का आबादी पट्टा दिया जाए, साथ ही यहां के युवाओं को व्यावसायिक परिसर में जगह दी जाए। रूपेन चंद्राकर ने बताया कि उनका कोई प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय नहीं जाएगा, बल्कि हर किसान अपना मांगपत्र सौंपेगा।

ग्रामवार कैंप में मांगपत्र

रूपेन चंद्राकर ने बताया कि उनसे चर्चा के बाद मंत्रालय के अधिकारियों ने मौके पर ही कैंप लगाकर किसानों से मांगपत्र लेने का फैसला किया है। इसी के तहत बेरियर के पास ही टेंट लगाकर ग्रामवार अलग-अलग अधिकारियों को तैनात कर ग्रामीणों से मांगपत्र लिया जाएगा।

किसानों को रोकने फोर्स तैनात

मिली जानकारी के मुताबिक, नवा रायपुर से प्रभावित आसपास के 30 गांवों के हजारों की संख्या में सपरिवार एकत्र हुए लेकिन इन्हें रोकने प्रशासन ने बड़ी तैयारी कर रखी है। यहां बड़े पैमाने पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है। मंत्रालय जाने वाले मार्ग को चारों ओर से सील कर दिया गया है। 500 से अधिक अधिकारी और जवान तैनात हैं। वही एसपी समेत 4 आईपीएस अधिकारी कमान संभाल रहे हैं। वहीं 25 से अधिक डीएसपी, 6 एडिशनल एसपी और 35 से अधिक निरीक्षक भी यहां तैनात किये गए हैं। रूस-यूक्रेन जंग असर : कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम वृद्धि, और महंगा होने की आशंका Microsoft CEO Satya Nadella’s Son, Zain, Dies At 26