पंचायत सचिवों ने भरी हुंकार, सीएम भूपेश बघेल को याद दिलाया वादा

पंचायत सचिवों ने भरी हुंकार, सीएम भूपेश बघेल को याद दिलाया वादा रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव डेढ़ साल बाद होना है। लेकिन माहौल इससे पहले बनने लगा है। दरअसल, कांग्रेस ने लोगों और कर्मचारी संगठनों से पिछली बार जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया है। ऐसेे में उन वादों को पूरी करने की मांग तेज हो गई है। वहीं प्रदेश पंचायत सचिवों ने राज्य सरकार से अपने शासकीयकरण की मांग की है। इस मांग को लेकर सचिवों ने सोमवार को बूढ़ापारा में एक दिवसीय धरना दिया। यह भी पढ़े- विश्वविद्यालय में परीक्षाएं ऑनलाइन या ऑफलाइन, कुलपति ने किया स्पष्ट संघ के प्रांत अध्यक्ष तुलसी साहू ने बताया कि प्रदेश 10568 पंचायत सचिव 15 साल की सेवा पूरी कर चुके हैं। लेकिन अभी तक उनका शासकीयकरण नहीं किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को याद दिलाया कि दिसंबर 2021 में बघेल ने शासकीयकरण करने का वादा किया था। साहू ने कहा कि 26 साल की सेवा के दौरान 29 विभागों के 2 सौ प्रकार के कार्य पंचायत सचिव कर रहे हैं। इतना नहीं इनकी सेवाओं से राज्य सरकार को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं। उन्होंने बताया कि शासकीयकरण के लिए प्रदेश के 75 विधायकों ने अनुशंसा कर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। इन पंचायत सचिवों के साथ नियुक्त अन्य कर्मचारी जैसे शिक्षाकर्मी, वन कर्मियों का न केवल शासकीयकरण हुआ, बल्कि इनमें से कई प्रमोशन पाकर सहायक ग्रेड 3 बन चुके हैं। तुलसी साहू ने कहा कि पंचायत सचिवों के शासकीयकरण से शासन पर 75 करोड़ का वित्तीय भार आएगा जो सरकार के लिए नहीं के बराबर है। साहू ने कहा कि सरकार यदि इस बजट में इसकी घोषणा नहीं करती तो आंदोलन तेज किया जाएगा। रूस-यूक्रेन जंग असर : कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम वृद्धि, और महंगा होने की आशंका Microsoft CEO Satya Nadella’s Son, Zain, Dies At 26