छत्तीसगढ़ विधानसभा : अनियमित कर्मचारी, संविदाकर्मी और दैनिक वेतनभोगियों के नियमितिकरण का मुद्दा उठा, जानिए सीएम ने क्या जवाब दिया रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। सदन में आज अनियमित कर्मचारी, संविदाकर्मी और दैनिक वेतनभोगियों के नियमितिकरण का मुद्दा गूंजा। यह सवाल नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और भाजपा विधायक विद्यारतन भसीन ने उठाया। सरकार ने सवालों के जवाब में बताया कि अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। विद्यारतन भसीन ने सवाल पूछा कि अनियमित कर्मचारियों, संविदाकर्मियों व दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने की दिशा में सरकार ने क्या काम किये हैं। इनको नियमित कब तक किया जायेगा। यह भी पढ़े- पंचायत सचिवों ने भरी हुंकार, सीएम भूपेश बघेल को याद दिलाया वादा जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि अनियमित, संविदा और दैनिक वेतनभोगी के नियमितिकरण को लेकर जीएडी ने विधि विभाग से अभिमत मांगा है। विधि विभाग ने इस संबंध में महाधिवक्ता का अभिमत प्राप्त होने पर जानकारी देने की बात कही है। इस संबंध में वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। 9 जनवरी 2020 को बैठक हुई है। बैठक में लिये गये फैसलों के मुताबिक विभागों के अधीनस्थ विभागाध्यक्ष कार्यालय, निगम, मंडल, संस्था में पूर्व से कार्यरत अनियमित दैनिक वेतनभोगी एवं संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी चाही गई है। हालांकि इनका नियमितिकरण कब तक किया जायेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी समय सीमा बता पाना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन नियमितिकरण की मांगों पर सरकार काफी गंभीर है, इसे घोषणापत्र में इसलिए शामिल भी किया है। मशीनी युग में ढेंकी का कमाल, महिलाएं हुई आत्मनिर्भर, जानिए कैसे मिली सफलता जवाब में मुख्यमंत्री ने कर्नाटक सरकार वर्सेस उमा देवी प्रकरण के जजमेंट का जिक्र दिया। जिसके मुताबिक नियमितिकरण की कार्रवाई की सिर्फ एक बार सरकार कर सकती है। लिहाजा सरकार तथ्यों पर विचार कर कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि अभी तक विधि का अभिमत नहीं आया है। उन्होंने बताया कि 33 विभागों से अब तक दैनिक वेतनभोगी, अनियमित और संविदा कर्मचारियों की जानकारी आ चुकी है, शेष विभागों की जानकारी जल्द मांगी गयी है। इस मामले में विपक्ष ने सरकार के जवाब से नाराजगी जताते हुए वाकआउट भी कर दिया। रूस-यूक्रेन जंग असर : कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम वृद्धि, और महंगा होने की आशंका Microsoft CEO Satya Nadella’s Son, Zain, Dies At 26