नवा रायपुर के किसानों का आज मंत्रालय मार्च, इलाके में धारा 144 लागू

नवा रायपुर के किसानों का आज मंत्रालय मार्च, आसपास के इलाके में धारा 144 लागू रायपुर। नवा रायपुर के किसान 67 दिनों से आंदोलरत है। सभी नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) भवन के सामने धरने पर बैठे हुए हैं। अब प्रभावित 27 गांवों के किसानों ने शुक्रवार को मंत्रालय तक मार्च करने की घोषणा की है। उनको रोकने के लिए नवा रायपुर की सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है। नवा रायपुर के किसानों का आज से भूख हड़ताल, सरकार के रवैया से आहत होकर लिया फैसला गौरतलब है कि रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने मंत्रालय और आसपास के क्षेत्रों में धारा 144 घोषित कर दिया है। राखी थाना चौक से मंत्रालय महानदी भवन और सचिवालय इंद्रावती भवन परिसर तक, पुलिस मुख्यालय चौक से मंत्रालय-संचालनालय भवन तक, शीतला मंदिर चौक से मंत्रालय- संचालनालय भवन तक और पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक से मंत्रालय- संचालनालय भवन तक 4 से अधिक लोगों के इकट्‌ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नवा रायपुर में कैपिटल कॉम्प्लेक्स की ओर जाने वाली सड़कों को बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया है। गुरुवार शाम कलेक्टर सौरभ कुमार और एसपी NRDA भवन पहुंचे। आंदोलनकारी किसानों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। किसानों ने कहा, वे शुक्रवार को अपील आवेदन फॉर्म लेकर मुख्य सचिव को सौंपने मंत्रालय जाएंगे। अधिकारियों का कहना था कि बीच में ही कोई सक्षम अधिकारी किसानों से अपील फॉर्म लेकर सरकार तक पहुंचा देगा। किसानों को मंत्रालय तक नहीं जाने दिया जाएगा। बता दें कि नवा रायपुर बनाने के लिए हुए अधिग्रहण से प्रभावित गांवों के लोग 3 जनवरी से 8 मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। इनमें से अधिकांश मांगों पर पूर्ववर्ती सरकार के समय सहमति के बावजूद काम नहीं हुआ था। अभी सरकार कह रही है कि वे 6 मांगों पर काम शुरू कर चुके हैं। किसान इसे अधूरा बता रहे हैं।

 30 किसान नेताओं को नोटिस

किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर ने बताया, अधिकारी आंदोलन में शामिल 30 से अधिक लोगों पर धारा 107 और 116 यानी शांति भंग का नोटिस थमाया गया है। इस पर प्रशासनिक अधिकारी मौन बने हुए हैं। इसका कारण नहीं बताया गया है। यह भी पढ़े-  भ्रष्टाचार से करोड़ों की जमीन, मामूली क्लर्क कैसे बना करोड़पति, बेहिसाब संपत्ति देखकर अफसर हैरान

 आमरण अनशन पर किसान, पानी भी छोड़ा

मंगलवार से 5 किसान आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। गुरुवार को इनमें से एक किसान राजकुमार पटेल ने पानी पीना भी छोड़ दिया है। वहीं भारत दास मानिकपुरी, दुकालू राम सिन्हा, जगत राम सोनवानी और जगतू राम पटेल भी कुछ नहीं खा रहे हैं। समिति के मुताबिक स्वास्थ्य परीक्षण में अभी उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है। क्रमिक भूख हड़ताल में महिलाएं भी शामिल हैं।

इन मांगों पर किसानों की सरकार से असहमति

  1. सन 2005 से जमीन के क्रय-विक्रय पर लगा प्रतिबंध सभी गांवों से हटाने की मांग थी। सरकार लेयर 2 व 3 के 13 गांवों का प्रतिबंध हटाया गया। लेयर 1 के 14 गावों में आज भी प्रतिबंध लागू रखा गया।
  2. नवा रायपुर में पंचायत आज भी संचालित है इसे गलत तरीके से नगरीय क्षेत्र घोषित किया गया है, उसे शून्य घोषित नहीं किया गया है।
  3. पूरी ग्रामीण बसाहट का पट्‌टा मांगा जा रहा है, सरकार ने केवल 1200 से 2500 वर्गफीट तक का पट्‌टा स्वीकृत करने की बात कही है।
  4. सरकार 2012 में 18 साल के रहे विवाहित व्यक्तियों को ही 1200 वर्गफीट का पट्‌टा देने की बात की है। जबकि किसान संगठन 2022 की गणना पर 18 साल के प्रत्येक वयस्क को विवाहित हो या न हो 1200 वर्ग फीट विकसित भूखण्ड देने की मांग की है।
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