महाविद्यालयों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं से भेदभाव, स्कूल शिक्षा विभाग की तरह हो व्यवस्था, मंत्री उमेश पटेल को याद दिलाया वादा
महाविद्यालयों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं से भेदभाव, स्कूल शिक्षा विभाग की तरह हो व्यवस्था, मंत्री उमेश पटेल को याद दिलाया वादा
कसडोल। जिस तरह से शासन ने प्रदेश के शासकीय स्कूलों में पदस्थ अतिथि शिक्षकों के स्थान पर नियमित शिक्षक की सीधी भर्ती, पदोन्नति या स्थानांतरण से पदस्थापना नहीं किए जाने का आदेश जारी किया है। उसी को दृष्टिगत रखते हुए न्याय हित में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार मंडल छ.ग. शासन के पूर्व सदस्य डॉ. शांति कुमार कैवर्त्य ने शासकीय महाविद्यालयों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के स्थान पर भी नियमित सहायक प्राध्यापक की सीधी भर्ती ,पदोन्नति या स्थानांतरण से पदस्थापना नहीं कराए जाने की अतिशीघ्र आदेश जारी करने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल से की है।
स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यमुुक्त न करने का आदेश
डॉ. कैवर्त्य ने छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय रायपुर के 16 मार्च 2022 को जारी आदेश का हवाला देते हुए अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि वर्तमान में जहां पर अतिथि शिक्षक पदस्य हैं वहां पर नियमित शिक्षक की सीधी भर्ती, पदोन्नति एवं स्थानांतरण से पदस्थापना नहीं किए जाने का आदेश जारी किया है। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी जिला कोंडागांव ने 26 फरवरी 2022 को जिले के सर्व प्राचार्य शासकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय/ हाई स्कूल को पत्र प्रेषित कर उनकी संस्था में कार्यरत किसी भी अतिथि शिक्षक को कार्यमुक्त न करने और न ही नये अतिथि शिक्षक की उपस्थिति लेने का निर्देश किया है। इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने व अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था पूर्ववत् बनाएं रखने के लिए भी जिला शिक्षा अधिकारी कोण्डागांव ने सर्व प्राचार्य शा.उ. मा. शाला/हाई स्कूल को पत्र जारी कर निर्देश दिया है।
अतिथि व्याख्याता के हित में जल्द जारी करे आदेश
डॉ कैवर्त्य ने न्याय हित में शासन से इसी भांति उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन ,मंत्रालय रायपुर द्वारा शासकीय महाविद्यालयों में जहां पर अतिथि व्याख्याता पदस्थ है। वहां पर नियमित सहायक अध्यापक की सीधी भर्ती, पदोन्नति व स्थानांतरण से पदस्थापना नहीं किए जाने का आदेश यथाशीघ्र जारी करने की मांग की है।
मंत्री ने अतिथि व्याख्याताओं को दिया था आश्वासन
उन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों में छपी खबर का हवाला देते हुए यह भी कहा है कि उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने अतिथि व्याख्याताओं को आश्वासन दिये थे कि आप लोगों को किसी तरह प्रभावित नहीं किया जाएगा, यदि कोई प्रभावित होते हैं तो उन्हें दूसरे महाविद्यालय में पदस्थ करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके बावजूद भी अतिथि व्याख्याताओं को ये सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है। वर्तमान में शासकीय महाविद्यालयों में पदस्थ इन अतिथि व्याख्याताओं के स्थान पर नियमित सहायक प्राध्यापक की सीधी भर्ती से पदस्थापना की जा रही है। जबकि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में अतिथि व्याख्याताओं के मामले में सुनवाई करते हुए शासन को 2 माह के भीतर समुचित निराकरण का आदेश भी दिया है।
मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री को लिखे ज्ञापन में डॉक्टर कैवर्त्य ने इन अतिथि व्याख्याताओं को शिक्षा मंत्री उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा दिए गए उक्त आश्वासन के अनुसार सुविधाएं प्रदान करने का आग्रह किया है।
नियमितीकरण की कार्यवाही हो
राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार मंडल के पूर्व सदस्य ने शासन से यह भी निवेदन किया है कि छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में लंबे समय से पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं को उनकी लंबी सेवाओं व लंबे अनुभव को मद्देनजर रखते हुए सहायक प्राध्यापक के पद पर इनकी नियमितीकरण की कार्यवाही यथाशीघ्र किया जाए।
अधिकतम आयु सीमा समाप्त
उन्होंने उल्लेख किया है कि इन अतिथि व्याख्याताओं में ऐसे अनेक अतिथि व्याख्याता हैं जिनकी शासकीय सेवाओं में भर्ती की अधिकतम आयु सीमा समाप्त हो चुकी है ।फल स्वरूप इनके समक्ष अतिथि व्याख्याता के अलावा कोई दूसरा रोजगार के साधन का विकल्प नहीं रह गया है। पूर्व में भी समय-समय पर शासन द्वारा सहायक प्राध्यापक पद के विरुद्ध तदर्थ सहायक अध्यापकों का नियमितीकरण किया जाता रहा है।
2010 में सहायक प्राध्यापकों का नियमितीकरण
साल 2010 में भी राज्य सरकार द्वारा कुछ तदर्थ सहायक प्राध्यापकों का नियमितीकरण किया गया है। इसी भांति इन अतिथि व्याख्याताओं के नियमितीकरण सहायक प्राध्यापक पद पर किया जाना न्याय संगत बताते हुए डॉक्टर कैवर्त्य ने इनकी नियमितीकरण यथाशीघ्र करने की मांग की है।
डॉ. कैवर्त्य ने अपने इस ज्ञापन की प्रति सोनिया गांधी राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रियंका वाड्रा राष्ट्रीय महासचिव एवं राहुल गांधी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी नई दिल्ली को प्रेषित किया है। इसमें कहा गया है कि अतिथि व्याख्याताओं को राहत प्रदान करते हुए इनकी नियमितीकरण यथाशीघ्र किए जाने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल को अवश्य निर्देशित करेंगे।
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