मुख्यमंत्री भूपेश की समीक्षा बैठक, जेनेरिक सस्ती दवाई पर फटकार, नगरीय निकाय सम्पत्ति पर लिया फैसला

मुख्यमंत्री भूपेश की समीक्षा बैठक, जेनेरिक सस्ती दवाई पर फटकार, नगरीय निकाय सम्पत्ति पर लिया फैसला रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को कई विभागों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकारी डॉक्टरों को लेकर कड़े तेवर दिखाएं हैं। सीएम ने कहा कि सरकारी डॉक्टर जेनेरिक दवाइयां ही लिखें। ब्रांडेड दवाई लिखे जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार बहुत से शहरों में धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर खोली है। जिससे लोगों को सस्ती दर पर दवाएं मिल सके। धन्वंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर योजना का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए इसका बढ़-चढ़ कर प्रचार किया जा रहा है। धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल योजना में 55 प्रतिशत छूट के साथ अच्छी गुणवत्ता की दवाइयां मिल रही हैं। इस योजना के तहत 251 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं। वहीं अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धन्वंतरी मेडिकल योजना को बढ़ावा देने के लिए सरकारी डॉक्टरों को कड़े निर्देश दिए हैं कि हमेशा मरीजों के लिए जेनरिक दवा ही लिखी जाएं, अगर ब्रांडेड दवाई लिखी जाती है तो डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Cmo कहलाएंगे राजपत्रित अधिकारी

मंत्री शिव डहरिया की मांग पर सीएम भूपेश ने मुहर लगा दी है। मंत्री शिव डहरिया ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को राजपत्रित अधिकारी घोषित करने की मांग की थी, जिसके बाद सीएम भूपेश ने मंत्री डहरिया की मांग को हरी झंड़ी दिखा दी है। राज्य नगरपालिका सेवा संघ लंबे समय से राजपत्रित अधिकारी दर्जा देने की मांग कर रहे थे। साथ ही एमपी के हिसाब से कैडर का गठन किए जाने की मांग की थी। इसके अलावा संघ ने नगर निगम में आयुक्त के पद पर निगम में पदस्थ करने की मांग थी। सीएम भूपेश के इस घोषणा के बाद राज्य नगरपालिका सेवा संघ अध्यक्ष एसके सुंदरानी ने कहा कि, संघ की लंबे समय से ये मांग थी। जिसे माननीय मुख्यमंत्री ने पूरा किया है ,जिसके लिए संघ उनका और मंत्री शिव डहरिया का आभार व्यक्त करता है। इससे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लेआउट पास करने के अधिकार नगर निगम को दे दिया जाए। इससे पहले TNC द्वारा लेआउट पास किया जाता था। इस बैठक में मुख्यमंत्री की कुछ बड़ी घोषणा किया है। नागरिकों को किसी भी काम के लिए दो कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसी के साथ नगरीय निकायों की संपत्तियां फ्री होल्ड होंगी। इसके पहले अब तक संपत्ति को लीज पर दी जाता था। इस फैसले से लाखों नागरिक लाभान्वित होंगे।