पीएससी से चयनित डॉक्टरों के लिए कड़ी शर्त, नौकरी छोड़ी तो लौटानी होगी पूरी सैलरी रायपुर। मेडिकल कॉलेजों के लिए पीएससी से चयनित डाक्टरों के लिए कड़ी शर्त रख दी है। डाक्टरों ने अगर 3 साल में नौकरी छोड़ी या किसी कारणवश उन्हें निकाला गया तो जितने महीने का वेतन और भत्ता मिल चुका होगा, उन्हें सब लौटना होगा। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग ने 1150 पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला था, लेकिन 599 डाक्टर ही चयनित हुए। लगभग आधे डाक्टरों के पद खाली रह गए हैं। सेलेक्ट डाक्टरों को भी इसकी जानकारी तब हुई जब चयन सूची जारी की गई। चयन सूची के साथ जो आदेश जारी किया गया है, उसमें आधा दर्जन निर्देश हैं। उसमें दूसरे नंबर के निर्देश वेतन और भत्ते से संबंधित है। उसमें स्पष्ट लिखा गया है कि तीन साल की परीवीक्षा अवधि के पहले उन्होंने नौकरी छोड़ी या निकाला गया तो वेतन के साथ भत्ता लौटाना होगा। विभाग के कई सीनियर और आला अफसर भी इस नई शर्त से हैरान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस अजीब शर्त के सभी चयनित डाक्टर ज्वाइन करेंगे? पहले एक शर्त थी कि तीन साल की परीवीक्षा अवधि में पहले साल डाक्टरों को केवल 70 फीसदी ही वेतन दिया जाना तय किया गया था। यानी जितना वेतन उनके लिए तय किया गया है उसका केवल 70 फीसदी ही पहले वर्ष दिया जाएगा। दूसरे साल 80 फीसदी, तीसरे साल 90 और चौथे साल तीन वर्ष की परीवीक्षा अवधि पूर्ण करने पर सौ फीसदी वेतन दिया जाना तय किया गया था। अफसरों के विरोध के बाद इस नियम को डाक्टरों के लिए हटाया गया, लेकिन एक नई शर्त जोड़ दी गई।