मनरेगा में भ्रष्टाचार, CEO ने सचिव को किया निलंबित

मनरेगा में भ्रष्टाचार, CEO ने सचिव को किया निलंबित कोरबा। मनरेगा में वित्तीय अनियमितता मामले में जिला पंचायत सीईओ ने दोषी पंचायत सचिव पर निलंबन की कार्रवाई की है। सीईओ की इस कार्रवाई के बाद जहां ग्रामीण क्षेत्र में गड़बड़ी करने वालों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने ऐेसे भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए बख्शे नहीं जाने की बात कही है।

मनरेगा में भ्रष्टाचार का ये पूरा मामला कोरबा जिला के पाली विकासखंड का है। बताया जा रहा है कि जिला पंचायत के सीईओं नूतन कंवर के समक्ष पाली विकासखंड के ग्राम परसदा में बगैर काम कराये ही राशि आहरण की शिकातय मिली थी। शिकायत की जांच के लिए अधिकारियों का संयुक्त जांच दल गठन कर मामले की जांच कराई गयी। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत परसदा में नये तालाब निर्माण में 07 जून 2021 से 13 जून 2021 के दौरान किसी भी प्रकार का मजदूरी कार्य कराया ही नही गया। बावजूद इसके कूटरचना कर बगैर कार्य कराये ही मजदूरी राशि की राशि एक लाख 21 हजार 980 रूपये का आहरण कर लिया गया। जांच में शिकायत सही मिलने पर जिला पंचायत सीईओं ने ग्राम पंचायत सचिव महेश सिंग मरकाम पर निलंबन की कार्रवाई करते हुए राशि वसूली का आदेश जारी किया गया है। वर्तमान में 30 हजार 495 रूपये सरपंच से राजस्व अधिकारी ने वसूली कर ली है। जिला पंचायत सीईओं नूतन कंवर ने ने बताया कि ग्राम पंचायत परसदा के मनरेगा कार्य में वित्तीय अनियमितता में संलग्न संबंधितो पर मनरेगा अधिनियम के तहत् कार्यवाही की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले ग्राम परसदा के रोजगार सहायक लवकुश जायसवाल को वित्तीय अनियमितता के कारण पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। तकनीकी सहायक पूर्णिमा कंवर को भी वित्तीय अनियमितता के संबंध में असंतोषजनक जवाब पाये जाने पर पद से पृथक करने की कार्यवाही की जा रही है।