छत्तीसगढ़ में 23 यात्री ट्रेनें रद्द, कांग्रेस ने डीआरएम कार्यालय किया घेराव, कहा- प्रदेश से कोयला जानें नहीं देंगे... रायपुर। प्रदेश कांग्रेस ने आज राजधानी रायपुर स्थित डीआरएम कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में कार्यालय के सामने नारेबाजी की। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद मोहन मरकाम ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली यात्री 23 ट्रेनों को रद्द किया गया है। अभी हमने डीआरएम को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि बिजली संकट के कारण ट्रेनों को रद्द किया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि बिजली की कृत्रिम कमी कर कोयला उत्पादन किया जा रहा है। यह सब चंद उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा साजिश रची जा रही है। लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता को राहत देने लिए कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है। हमारी मांग है कि जनता को राहत देने के लिए ट्रेनों का परिचालन तत्काल करें, अगर ट्रेन चालू नहीं होगी तो आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ से कोयला और बिजली जाने नहीं देंगे। हम बड़ा आंदोलन करेंगे। 23 यात्री ट्रेनों को एक महीने के लिए रोके जाने पर यात्रियों का कहना कि इस रेलबंदी से परेशानी हो रही है। लेकिन राजनेताओं को जैसा विरोध करना चाहिए, वैसा नहीं हो रहा। हालांकि कांग्रेस ने रेलवे के फैसले का विरोध किया है। लेकिन भाजपा ने इस पर कुछ नहीं किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, राज्य से गुजरने वाली 23 ट्रेनों के परिचालन रद्द कर दिया गया। इससे साबित हो गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश नहीं संभल रहा है। वे न तो कोल इंडिया बचा पा रहे, न रेलवे। सुधार कार्य और मेंटेनेंस के नाम पर ट्रेनों को रद्द करना एक बहाना है। दरअसल मोदी सरकार ने ट्रेनों को परिचालन कोयला संकट के कारण रद्द किया है। सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि स्वयं रायपुर के सांसद सुनील सोनी ने यह स्वीकार किया है कि यदि ट्रेनों को रद्द नहीं किया गया तो 7 से 8 राज्यों में बिजली संकट के कारण ब्लैक आउट की स्थिति पैदा हो जाएगी। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, यदि ट्रेन मेंटेनेंस के कारण ट्रेनों को रद्द किया गया है तो फिर उसी रेलवे ट्रेक पर मालगाड़ियों का परिचालन कैसे किया जा रहा है। न सिर्फ मालगाड़ियों का परिचालन किया जा रहा उनकी संख्या दोगुनी भी कर दी गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि रेलवे ने अब तक राज्य की 109 ट्रेनों को बंद कर दिया है। 87 ट्रेनों को पिछले कोरोना के नाम से दो साल से बंद किया गया। 22 ट्रेनों को अब रद्द कर दिया गया है। ट्रेनों के बंद किए जाने से रेलवे से जुड़ कर जीविकोपार्जन करने वाले लोग भी परेशान है। मुख्यमंत्री ने जताया था विरोध मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोशल मीडिया पर रेलवे के इस निर्णय का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने कहा, रेलवे को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। एक दिन पहले उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर रेल मंत्री से भी बात करेंगे। छत्तीसगढ़ में रैली, धरना, प्रदर्शन पर सरकार की सख्ती, गृह विभाग ने जारी किया आदेश, पढ़े नियम “A Lot Of Ravindra Jadeja”: Watch Shaheen Afridi Bowl Left-Arm Spin In Nets, Video Goes Vira