स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने भरी हुंकार, बोले- बोरे बासी खाने वाले 43 हजार कर्मचारियों की मांग पूरी करे सरकार, नहीं तो करेंगे बड़ा आंदोलन
स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने भरी हुंकार, बोले- बोरे बासी खाने वाले 43 हजार कर्मचारियों की मांग पूरी करे सरकार, नहीं तो करेंगे बड़ा आंदोलन
सत अंजोर डॉट कॉम, रायपुर। राजधानी रायपुर में एक मई अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस पर इंडोर स्टेडियम में सफाई कर्मचारियों का सम्मान किया गया। ठीक उसके बगल में धरना स्थल है, जहां प्रदेश भर स्कूल सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। राजधानी की ये दो तस्वीरें जिसने भी देखी, सोचने पर मजबूर हो गए। एक तरफ जहां सफाई कर्मचारियों का सम्मान किया गया, वहीं दूसरी तरफ दोपहर के चिलचिलाती धूप में आसमान के नीचे ये स्कूल सफाई कर्मचारी पसीने से तरबतर बैठे थे। उनकी मांग सिर्फ सम्मान है, सम्मानजनक पूर्णकालिक की। लेकिन मजदूर दिवस पर एक को सम्मान मिला तो दूसरे को तकलीफ। बता दें कि इन कर्मचारियों के आंदोलन को 65 दिन हो गए, लेकिन मुख्यमंत्री ने सुध नहीं ली। सिर्फ कमेटी ने बुलाकर आंदोलन खत्म करने का फरमान सुना दिया। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि सभी निम्न आय वर्ग के है, मेहनत मजदूरी छोड़ के आंदोलन में पहुंचे हैं। इतनी महंगाई में हमारा गुजारा करना मुश्किल हो गया है। चाहते हैं कि बोरी बासी खाने वाले 43 हजार श्रमिकों को पूर्णकालिक कर सम्मान दिया जाए।
छत्तीसगढ़ के अशंकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने एक मई को रायपुर में बड़ा प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेशभर के हजारों कर्मचारी शामिल हुए। सभी अपने एक सूत्रीय मांग को लेकर राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल में 65 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सरकार की तरफ से उनकी मांगों को लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया है। सिर्फ कमेटी बनाकर खानापूर्ति की गई।
देखिए वीडियो-
https://www.youtube.com/watch?v=QWoor5UpWJk&t=7s
श्रम दिवस पर उम्मीद नहीं हुई पूरी
एक मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस मनाया गया। सरकार ने मजदूरों को सम्मानित किया। लेकिन दूसरी तरफ बूढ़ा तालाब धरना स्थल में स्कूल सफाई कर्मचारी चिलचिलाती धूप में धरना दे रहे थे। सरकार से अपनी एक सूत्रीय मांग को पूरा करने की दुहाई दे रहे थे। लेकिन गरीब कर्मचारियों की आवाज सरकार के कानों तक नहीं पहुंची।
सभी आंदोलनकारियों को उम्मीद थी कि 1 मई को मुख्यमंत्री अशंकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी का नियमित करने की घोषणा करेंगे। इस उम्मीद में प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी बूढ़ा तालाब धरना स्थल में पहुंचे थे। जब उन्हें पता चला कि उनकी मांगों पर कोई अभी कोई फैसला नहीं हुआ तो यहां उन्होंने अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर आवाज बुलंद किया। और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी, तब तक यह धरना जारी रहेगा।
अधिकारियों ने कहा आंदोलन खत्म करें
बता दें कि मांगों को लेकर एक कमेटी बनी है, जिसकी बैठक 25 मार्च को मंत्रालय में हुई थी। इस बैठक में स्कूल सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष धनीराम टांडिया समेत 9 सदस्य और सरकार के दो बड़े अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों ने सिर्फ इतना कहा कि आप लोगों की जो मांग है उसे हम सरकार तक प्रेषित करेंगे। लेकिन यह कब तक पूरी होगी, इसके बारे में नहीं बता सकते। इस दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की। लेकिन कर्मचारियों ने साफ इंकार कर दिया। कहा कि मांगे पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। आगे चलकर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी हैं।
इस आंदोलन से पहले कर्मचारियों ने संभाग वार जंगी पदयात्रा किए थे। उस दौरान भी मांगों को लेकर कुछ आदेश नहीं आया। राजधानी में धारा 144 लागू थी इललिए हड़ताल स्थगित कर दी गई थी। अभी आंदोलन को 65 दिन हो गए हैं।
क्या है मांग
स्कूल सफाई कर्मचारी संघ की सिर्फ एक सूत्र मांग है। वह अंशकालीन को पूर्ण कालीन कर वेतन कलेक्टर दर पर दिया जाए। अभी कलेक्टर दर 9 से 10 हजार है। वर्तमान में स्कूल सफाई कर्मचारियों को हर महीने 2,300 रुपए दिया जा रहा है।
महंगाई में गुजारा कैसे
रायगढ़ जिले के मीडिया प्रभारी विजय राणा ने बताया कि उन्हें सिर्फ दो घंटे के लिए काम में रखा गया था। लेकिन प्रधान पाठक स्कूल में 10 बजे से 12 बजे तक रखते हैं। फिर दोपहर में हम कहा जाएंगे। प्रदेश के सभी कर्मचारियों कि नियुक्ति शाला प्रबंधन समिति और प्रधानपाठक के द्वारा 2011 में की गई। नियुक्ति के समय सिर्फ 700 रुपए दिए जा रहे थे। आज 11 साल हो गए हैं। हर 6 महीने में सिर्फ 20 रुपए 30 रुपए बढ़ोतरी होती है। इतनी महंगाई में हमारा गुजारा कैसे होगा। आज तो एक दिन की मजदूरी 300 रुपए हो गई है। इस हिसाब से महीने में 9 हजार रुपए होता है। और हमें सिर्फ 2300 रुपए मिल रहा है। प्रदेश भर में हमारी संख्या 43 हजार 3 सौ 1 है।
प्रदेश उपाध्यक्ष धनीराम टांडिया ने कहा कि स्कूल अंशकालीन सफाई कर्मचारी पूरी जोश के साथ रिकार्ड गर्मी में धरना स्थल पर डटे हुए है। इस बार हम पूर्णकालीन की मांग को लेकर ही घर वापस जाएंगे। इसके बिना हम आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। अगर सरकार हमारी मांग नहीं मानी तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करेंगे।
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