नियमितिकरण की मांग के बदले मिली मौत, एक स्कूल सफाई कर्मचारी की गई जान, आंदोलनकारी गुस्से में

नियमितिकरण की मांग के बदले मिली मौत, एक स्कूल सफाई कर्मचारी की गई जान, आंदोलनकारी गुस्से में रायपुर 2 मई 2022। राजधानी रायपुर में आंदोलनकारी एक स्कूल सफाई कर्मचारी की मौत हो गई। युवक की मौत की खबर से सभी आंदोलनकारी दुखी है। वे सरकार के अड़यल रवैया से आक्रोशित है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोमवार को अधिक धूप थी। चिलचिलाती धूप में आंदोलन करने की वजह से अचानक एक साथी की तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसने दम तोड़ दिया। स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने भरी हुंकार, बोले- 43 हजार कर्मचारियों की मांग पूरी करे सरकार, नहीं तो करेंगे बड़ा आंदोलन घटना की जानकारी छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ के सदस्य ने दी। उन्होंने बताया प्रदर्शनकारी मृतक साथी का नाम किसलाल निषाद था। वे गरियाबंद जिले के रहने वाले थे। वह जिले के ही एक गांव के स्कूल में सफाई कर्मी का काम करते थे। नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। मगर अब अचानक इनकी मौत हो गई।

परिवार का एक मात्र सहारा

बताया जा रहा है कि किसलाल परिवार का एक मात्र सहारा थे, अब उनकी मौत के बाद परिवार कैसे अपनी जिंदगी बिताएगा इसकी हमें चिंता है।

छत्तीसगढ़ में दूसरे आंदोलनकारी की मौत

नवा रायपुर के किसान आंदोलन में पिछले महीने एक किसान सियाराम की मौत हो गई। एनआरडीए दफ्तर से किसानों ने पैदल मार्च निकाला था। धरना देने के दौरान 66 साल के सियाराम पटेल बेहोश होकर गिर पड़े। कुछ ही देर बाद खबर आई कि सियाराम पटेल की मौत हो गई। दोनों आंदोलन के दौरान तेज धूप थी। मौत का कारण धूप बताया गया। देखिए वीडियो-

क्या है मांग

स्कूल सफाई कर्मचारी संघ की सिर्फ एक सूत्रीय मांग है। अंशकालीन को पूर्णकालीन किया जाए और वेतन कलेक्टर दर पर दिया जाए। अभी कलेक्टर दर 9 से 10 हजार है। वर्तमान में स्कूल सफाई कर्मचारियों को हर महीने 2,300 रुपए दिया जा रहा है। 

महंगाई में गुजारा कैसे

सफाई कर्मचारी ने बताया कि उन्हें सिर्फ दो घंटे के लिए काम में रखा गया था। लेकिन प्रधान पाठक स्कूल में 10 बजे से 12 बजे तक रखते हैं। फिर दोपहर में हम कहा जाएंगे। प्रदेश के सभी कर्मचारियों कि नियुक्ति शाला प्रबंधन समिति और प्रधानपाठक के द्वारा 2011 में की गई थी। नियुक्ति के समय सिर्फ 700 रुपए दिए जा रहे थे। आज 11 साल हो गए हैं। हर 6 महीने में सिर्फ 20 रुपए 30 रुपए बढ़ोतरी होती है। इतनी महंगाई में हमारा गुजारा कैसे होगा। आज तो एक दिन की मजदूरी 300 रुपए हो गई है। इस हिसाब से महीने में 9 हजार रुपए होता है। और हमें सिर्फ 2300 रुपए दिया जा रहा है। प्रदेश भर में  43 हजार 3 सौ 1 स्कूल सफाई कर्मचारी है। “A Lot Of Ravindra Jadeja”: Watch Shaheen Afridi Bowl Left-Arm Spin In Nets, Video Goes Vira