हाईकोर्ट में अब नंदीग्राम का संग्राम, शुभेंदु की जीत को ममता बनर्जी ने दी चुनौती

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव समाप्त हो गया है। लेकिन सियासी घमासान थमा नहीं है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी से शिकस्त मिली थी। अब ममता ने शुभेंदु के जीत को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। ममता की याचिका की सुनवाई मंगलवार यानी 18 जून को हाईकोर्ट में होगी। हाईकोर्ट की ओर से गुरुवार को जारी क्लाउज लिस्ट के मुताबिक, मामले की सुनवाई जस्टिस कौशिक चंदा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे।  बंगाल में आठ चरण के चुनाव के बीद 2 मई को मतगणना हुई थी. जिसमें तृणमूल कांग्रेस पार्टी को भारी बहुमत मिला। एकतरफा जीत के बावजूद ममता बनर्जी अपनी सीट नहीं बचा पाई। नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी ने 1956 वोट से हरा दिया। इसे भी पढ़े- बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज, आईएमए ने लगााया यह आरोप नतीजे के बाद ममता न चुनाव आयोग में फिर से मतगणना करने का अनुरोध किया। जिसे चुनाव आयोग ने ठुकरा दिया. इसके बाद उन्होंने कोर्ट में चुनाव परिणाम को चुनौती देने का फैसला किया।       चुनाव आयोग के मुताबिक, नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारो को 110764 वोट मिले थे, जबकि ममता बनर्जी को 108808 वोट मिले थे। 6227 मतों के साथ माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी तीसरे स्थान पर रहीं। चुनावी नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने वोटों की गिनती में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। इसे भी पढ़े- World Test Championship : टीम इंडिया फाइनल के लिए तैयार, जानें प्लेइंग-11

गड़बड़ी का लगाया था आरोप

गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में मतगणना के बाद ही चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाये थे. उन्होंने पोलिंग बूथों का भी दौरा किया था और कुछ बूथ में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। इस दौरान उन्होंनों कहा था कि वो इसे लेकर कोर्ट भी जाएंगी।

एकतरफा जीत मिली

 बता दें कि टीएमसी ने 213 सीट पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा को 77 सीटों से संतोष करना पड़ा है। वहीं राष्ट्रीय सेक्यूलर मजलिस पार्टी को एक सीट और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई है।  क्या उपचुनाव लड़ेंगी ममता? अनुच्छेद 164 के अनुसार, 'एक मुख्यमंत्री अगर 6 महीने तक किसी राज्‍य के विधानसभा या विधानमंडल का सदस्य नहीं होता है, वह मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रह सकता।' बंगाल में विधान परिषद नहीं है इसलिए ममता बनर्जी को 6 महीने के भीतर किसी सीट से नामांकन दाखिल कर चुनाव जीतना अनिवार्य है. उपचुनाव जीतकर विधायक बनना होगा। यह वीडियो देेखें-