बूढ़ातालाब धरना स्थल बदलने पर आक्रोश, भाजयुमो ने घेरा कलेक्टोरेट, बोले- जब सीएम, मंत्री और अधिकारी नवा रायपुर नहीं जाते, तो रायपुर। राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल में अब 100 से ज्यादा लोग प्रदर्शन नहीं करने के आदेश के बाद आक्रोश भड़क गया है। सोमवार को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट का घेराव कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ता कलेक्टर और एसपी से सीधी बात करने की मांग करते रहे। दरअसल, जिला प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल को लेकर एक आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, बड़े प्रदर्शन के लिए नवा रायपुर के राज्योत्सव के सामने मैदान को नया धरना स्थल निर्धारित किया गया है। वहीं प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति भी लेनी होगी। इसी आदेश के बाद आक्रोश भड़क गया है। छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘असानी’ का असर, गरज चमक के साथ होगी बारिश, छाये रहेंगे काले बादल इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि “रायपुर प्रशासन अचानक घटनास्थल बूढ़ापारा का स्थान बदल कर नया रायपुर कर दिया गया है। यह एक षड्यंत्र है घटनास्थल वही रहना चाहिए। छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री और मंत्री स्वयं नया रायपुर नहीं जाना चाहते। वे चाहते हैं कि शहर के अंदर रहकर ही काम हो जाए और वे जनता से अपेक्षा करते हैं कि धरना के लिए वह नया रायपुर जाकर अपना आंदोलन करें। यह निश्चित रूप से तानाशाही है और धरना स्थल को नवा रायपुर में शिफ्ट करना काला कानून है। इसलिए हम मांग करते हैं कि यदि बूढ़ा तालाब में धरना करने से आम जनता को समस्या होती है। तो शहर के 5 किलोमीटर के दायरे में किसी अन्य स्थान को धरना स्थल के रूप में चिन्हित कर वहां धरना करने की अनुमति प्रदेश की जनता को दी जाए।” कलेक्टर और SP भाजयुमो कार्यकर्ताओं के पास पहुंचे और समझाइश देकर शांत कराया। और कार्यकर्ताओं के सुझाव को स्वीकार करते हुए वर्तमान धरना स्थल बूढ़ा तालाब पर ही अधिक संख्या में धरना करने की अनुमति दे दी। कलेक्टर ने दिया था ये आदेश रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने आदेश जारी कर कहा था कि जन भावनाओं और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रायपुर के बूढा तालाब स्थित धरना स्थल को नवा रायपुर के राज्योत्सव मैदान के सामने स्थनांतरित किया जा रहा है। आदेश में कहा गया है कि अब बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर बड़े प्रदर्शन नहीं होंगे। केवल 100 की संख्या में ही प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण आंदोलन कर सकेंगे। प्रशासन से इसकी भी विधिवत अनुमति लेनी होगी। यहां किसी भी प्रकार की रैली या जुलूस की अनुमति नही दी जाएगी। इस आदेश के साथ मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आई है। धरना-प्रदर्शन के लिए अनुमति लेना अनिवार्य बता दें कि 22 अप्रैल को मुख्यमंत्री निवास घेराव करने निकले संविदा विद्युत कर्मियों ने बूढ़ापारा की सड़क को जाम कर दिया। वह सड़क पर ही रातभर बैठे रहे। 23 अप्रैल को सुबह जब सड़क खाली नहीं की गई तब पुलिस ने लाठी बरसाई थी। नवा रायपुर में किसान आंदोलन भी जारी था। प्रशासन ने वहां आंदोनकारी किसानों का सामान जब्त किया था। इसके बाद गृह विभाग ने आदेश जारी कर धरना-प्रदर्शन के लिए अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश को लेकर भाजपा लगातार सरकार पर हमलावर है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। आदेश वापस नहीं लेने पर 16 मई को इस मुद्दे पर प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन का ऐलान भाजपा ने किया है। बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर नहीं गूजेंगी संगठनों की आवाज, सरकार ने बदल दिया नियम, अब इस स्थान पर करना होगा आंदोलन “A Lot Of Ravindra Jadeja”: Watch Shaheen Afridi Bowl Left-Arm Spin In Nets, Video Goes Vir