छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान 'असानी' का असर, इन इलाकों में आकाशीय बिजली के साथ बारिश की आशंका, मौसम विभाग ने दी चेतावनी
छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान 'असानी' का असर, इन इलाकों में आकाशीय बिजली के साथ बारिश की आशंका, मौसम विभाग ने दी चेतावनी
रायपुर। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान उठा है। इस तूफान का नाम 'असानी' है। इसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी दिखने लगा है। ठंडी हवाओं की वजह से प्रदेश के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक नीचे चला गया है।
मंगलवार को रायपुर और कुरुद में सबसे अधिक गर्मी रिकॉर्ड हुई। मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस मापा गया। यह सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस कम है। यहां फिलहाल 6 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चल रही हैं।
शहर के बाहरी हिस्सों का मौसम कुछ और ठंडा रहा है। माना हवाई अड्डे के पास यह 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। राजनांदगांव में 38.8 डिग्री, दुर्ग में 38.7 डिग्री और पेंड्रा में 38.3 डिग्री दर्ज किया गया। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री है, जो सामान्य से 5 डिग्री तक कम है। उत्तर के शहर अंबिकापुर में सामान्य से 3 डिग्री कम अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ के शहर जगदलपुर में अधिकतम तापमान केवल 34.3 डिग्री सेल्सियस रहा। यहां भी तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा। दिन के तापमान में गिरावट की वजह से लोगों को काफी राहत महसूस हो रही है।
आकाशीय बिजली के साथ बरसात की आशंका
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एच.पी. चंद्रा का कहना है कि, चक्रवात असानी अभी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। अब इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से 11 मई को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा होने की संभावना बन रही है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की भी संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर वज्रपात भी संभव है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्षा का क्षेत्र मुख्य रूप से बस्तर संभाग हो सकता है।
चक्रवाती तूफान 'असानी' से इन राज्यों में भारी बारिश
मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवात के कारण कोलकाता, हावड़ा, पुरबा मेदिनीपुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना और नदिया जिलों सहित पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से में गुरुवार (13 मई) तक भारी बारिश होने की संभावना है। रांची में मौसम कार्यालय ने कहा कि झारखंड के दक्षिणी, मध्य और पूर्वोत्तर हिस्सों में 11 से 13 मई तक बिजली और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
चक्रवात के प्रभाव में, तटीय ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और तटीय पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार शाम से अधिक वर्षा होने की संभावना है।
भीषण तूफान की आशंका
अगले 24 घंटे के दौरान इसके भीषण तूफान में बदलने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक ये अभी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से लगभग 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है, लेकिन जल्द ही इसके आंध्र के तटीय इलाकों में पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने इसकी रफ्तार को देखते हुए आंध्र प्रदेश में रेड एलर्ट जारी किया है। इस तूफानी चक्रवात के कारण 105 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश शुरु हो गई है और पूर्वी तट में इसका असर अभी से देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने किया अलर्ट
IMD ने आंध्र प्रदेश के लिए एलर्ट जारी करते हुए कहा है कि चक्रवाती तूफान 11 मई को सुबह 0830 बजे तक श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, पूर्वी गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर और पश्चिम गोदावरी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से इन इलाकों में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। आईएमडी ने ओडिशा के मलकानगिरी, गजपति, गंजम, पुरी आदि जिलों के लिए अगले 24 घंटों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। मछुआरों को 13 मई तक ओडिशा तट के आसपास या समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
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