सोशल मीडिया में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सोशल मीडिया में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट, पुलिस ने किया गिरफ्तार पेंड्रा। सोशल मीडिया में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ आपत्तिजनक बात लिखने वाले शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने खुद को राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बताते हुए एक आवेदन फेसबुक पर पोस्ट किया हैं। जिसकी जानकारी होते ही पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज किया और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया हैं। ये घटना गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का है। जानकारी के अनुसार, गौरेला नगर पंचायत के एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) घनश्याम ठाकुर ने शनिवार को थाने में एक फेसबुक पोस्ट की लिखित शिकायत की। इस पोस्ट में राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष होने का दावा करने वाले महर्षि गौतम नाम के युवक के नाप पर हैं। महर्षि ने अपने फेसबूक पेज पर राष्ट्रपति के नाम एक पत्र लिखकर आवेदन पोस्ट किया था। जिसका विषय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बीच चौक में गोली मारने का आदेश जारी किए जाने बावत हैं। इस विवादित पोस्ट के सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारियों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। पूरे मामले में अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस भी हरकत में आई, और मुख्यमंत्री के खिलाफ विवादित पोस्ट शेयर करने को लेकर तत्काल आरोपी युवक को गिरफतार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धारा 505 यानी विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुताए घॄणा या वैमनस्य की भावना पैदा करने के आशय से अफवाह फैलाने के मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया। थोड़ी देर की पतासाजी के बाद पुलिस ने पेण्ड्रा के पतगवां गांव से आरोपी महर्षि गौतम को गिरफ्तार कर लिया। गौरेला थाना प्रभारी युवराज तिवारी ने बताया कि गौरेला नगर पंचायत के एल्डरमैन घनश्याम सिंह ठाकुर की शिकायत पर आरोपी महर्षि गौतम के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 2 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी को पेण्ड्रा पुलिस की मदद से गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इस पूरे प्रकरण पर राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष वीरेंद्र पाण्डेय ने आरोपी के संगठन का पदाधिकारी होने से साफ तौर पर इंकार कर दिया मीडिया में दिये बयान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में प्रदेश कार्यकारिणी ही नहीं बनी है। यहां एक प्रदेश अध्यक्ष पूरण छाबड़िया और कुछ सदस्य हैं। महर्षि गौतम नाम का कोई व्यक्ति उनके संगठन का पदाधिकारी नहीं है।