बाप-बेटी की दर्दनाक मौत, हाथियों के झुंड ने कुचलकर मार डाला, ग्रामीणों में भय

बाप-बेटी की दर्दनाक मौत, हाथियों के झुंड ने कुचलकर मार डाला, ग्रामीणों में भय कोरिया। हाथियों के झुंड ने पिता और पुत्री को बेरहमी से कुचलकर मार डाला। इस हमले से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वहीं वन विभाग के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। बताया जा रहा है कि हाथियों का यह झुंड मध्य प्रदेश से लौटा था। बीती रात करीब 2 बजे उसने निर्माणाधीन मकान में सो रहे परिवार के ऊपर हमला कर दिया। हमले में बाप और बेटी की मौत हो गई। इस दौरान नींद खुल जाने से युवक की पत्नी वहां से भाग निकली और किसी तरह अपनी जान बचाई। पति व पुत्री की मौत से महिला सदमे में है। घटना कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ वनमंडल अंतर्गत बेलगांव की है। इधर, मौत की सूचना के बाद अधिकारी-कर्मचारी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचे। रविवार की सुबह 9 बजे अधिकारियों के पहुंचने पर गांववालों ने हंगामा कर दिया और उन्हें शव देने से मना कर दिया। बाद में सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया।  छात्रा के ज्यादा प्रश्न करने से चिढ़ी शिक्षिका, सबक सिखाने प्रायोगिक परीक्षा में कर दिया अनुपस्थित, छात्रा पहुंची थाने

रात में हमला, संभलने का नहीं मिला मौका

मध्य प्रदेश से लौटने के बाद 10 हाथियों का दल कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ वनमंडल में घूम रहा है। शनिवार रात करीब 2 बजे हाथियों का दल बेलगांव में पहुंच गया। यहां 31 वर्षीय ग्रामीण गुलाब सिंह अपनी पत्नी और 6 वर्षीय पुत्री रूपा सिंह के साथ अपने निर्माणाधीन कच्चे मकान में सोया था। इस बीच हाथियों ने आधा घर ढहा दिया और गुलाब सिंह व उसकी बेटी को कुचलकर मार डाला। इस दौरान नींद खुल जाने के कारण पत्नी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। महिला की चीख सुनकर गांव के अन्य लोग शोर मचाने लगे तो हाथी वहां से चले गए। पति व बेटी की मौत से पत्नी रो-रोकर बेहाल है।

भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

हाथियों द्वारा पिता-पुत्री को मार डालने की सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दी गई। सूचना मिलने के बावजूद सुबह 9 बजे वन कर्मचारी गांव में पहुंचे। इसे लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने कहाकि  हाथियों के विचरण की सूचना वन विभाग द्वारा उन्हें नहीं दी जाती है। ग्रामीण डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। वे हाथियों द्वारा मारे गए पिता-पुत्री का शव देने को तैयार नहीं थे। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए वन विभाग द्वारा पुलिस बल को मौके पर बुलाया। पुलिस बल द्वारा समझाने के बाद ग्रामीण शवों को पंचनामा के लिए भेजने तैयार हो गए।