जायसवाल निको स्टील प्लांट की जनसुनवाई में भारी हंगामा, ग्रामीणों ने कहा- नहीं चाहते विस्तार, हमें प्रदूषण के अलावा कुछ नहीं मिला
जायसवाल निको स्टील प्लांट की जनसुनवाई में भारी हंगामा, ग्रामीणों ने कहा- नहीं चाहते विस्तार, हमें प्रदूषण के अलावा कुछ नहीं मिला, CSR के नाम पर सिर्फ धोखा
धरसींवा। क्षेत्र के सबसे बड़े जायसवाल निको स्टील प्लांट के विस्तारीकरण के लिए पर्यावरण विभाग की ओर से आयोजित जनसुनवाई हंगामेदार रही। कोई प्रदूषण को लेकर विरोध किया तो कोई विस्तार से रोजगार के अवसर बढ़ने का हवाला देकर समर्थन किया। ग्रामीणों ने ऐसे लोगों को कंपनी का दलाल कहकर जमकर नारेबाजी की। पक्ष विपक्ष में लोगों ने अपने अपने मन की बात कही।
प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है
दीनू अग्रवाल ने जनसुनवाई में उद्योग के विस्तारीकरण पर असहमति जताते हुए कहा कि बर्तमान में प्रदूषण इतने खतरनाक स्तर पर है कि विस्तारीकरण नहीं होना चाहिए बल्कि प्रदूषण पर नियंत्रण होना चाहिए। प्रदूषण की भयाभयता के उनके पास प्रमाण है। उन्होंने अधिकारियों पर फैक्ट्री प्रबंधन से मिलीभगत कर जनसुनवाई की औपचारिकता निभाने का आरोप भी लगाया।
धनेली ओर सांकरा के बीच कंपनी के समीप मैदान में जनसुनवाई शुरू हुई। गिरोद के पूर्व सरपंच नायक, सांकरा सरपंच प्रतिनिधि व पंच प्रमोद शर्मा, सिलतरा के पूर्व सरपंच धनेश यादव ने अपना अपना पक्ष रखते हुए जनसुनवाई में विस्तारीकरण का समर्थन किया। वहीं जनपद सदस्य राजेश वर्मा, दीनू अग्रवाल एवं आसपास के अनेक ग्रामीणों ने बढ़ते पदूषण, सीएसआर से गांव में विकास न कराने एवं जो ग्रामीण फैक्ट्री में काम करते है उनकी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताते हुए विस्तारीकरण का विरोध किया।
न सीएसआर से विकास न स्थानीय को मिल रहा रोजगार
जनसुनवाई में विस्तारीकरण पर विरोध दर्ज कराने वाले जनपद सदस्य राजेश वर्मा ने कहा कि मैं जायसवाल निको स्टील प्लांट के विस्तारीकरण का पुरजोर विरोध करता हैं क्योंकि फैक्ट्री की ढाई दशक पहले जब स्थापना हुई थी तब जो भी वायदे किये थे, वह आज तक पूरे नहीं किये, न ही सीएसआई फंड से कभी किसी गांव का विकास कराया। इसके अलावा 15-20 सालों से जो लोग फैक्ट्री में काम कर रहे उनका अब तक नियमितीकरण नहीं किया गया। ट्रांसपोर्टिंग का काम भी स्थानीयों की जगह बाहर वालों को दिया जाता है। स्थानीयों की उपेक्षा की जाती है।
विरोधियों का विरोध, विस्तारीकरण से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
दूसरी ओर सांकरा ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि एवं पंच प्रमोद शर्मा ने जनसुनवाई में विस्तारीकरण का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में जो प्रदूषण की बात कर रहे वह जब खुद 15 साल तक कंपनी में काम लेते रहे, तब उन्हें प्रदूषण क्यों नहीं दिखा, लेकिन अब जब कंपनी में काम नहीं मिल रहा तो विरोध कर रहे हैं।
प्रमोद शर्मा ने कहा कि फैक्ट्री के विस्तार से सैंकड़ों लोगों को ओर रोजगार मिलेंगे। बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। गांवो में भी सीएसआर से विकास होगा। पूर्व में भी निको प्रबंधन गांवों के विकास में सहयोग करता रहा है।
क्या मैं कलेक्टर बनूंगा तब नौकरी मिलेगी
जनसुनवाई बड़े ही शांतिपूर्ण माहौल में भारी सुरक्षा के बीच शुरू हुई थी लेकिन जैंसे जैंसे लोग अपना पक्ष रखते गए, वैसे ही बीच बीच में कभी विरोध में नारेबाजी तो कभी समर्थन में तालिया बजती रहीं। इसी दौरान एक ग्रामीण अपनी पीड़ा सुनाते हुए बोला कि 15 साल से मुझे घुमा रहे हैं। कहते हैं तुम कम पढ़े लिखे हो क्या मैं पढ़ लिखकर कलेक्टर बन जाऊंगा तब कंपनी मुझे काम देगी।
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निको के दलालों के खिलाफ हुई नारेबाजी
एक एक कर जिन्हें अपना पक्ष रखना है वह अपना पक्ष रख रहे थे लेकिन जैसे जैसे समय बढ़ता जा रहा था बिरगांब रावाभांटा की ओर से भी ग्रामीण व जनप्रतिनिधि पहुंच रहे थे। ग्रामीण, जनप्रतिनिधियों के पक्ष सुनने के बाद कंपनी प्रबंधन ने उन पर जबाब भी दिया ओर अचानक हंगामा जब तेज होने लगा तो जनसुनवाई को खत्म करने की घोषणा करते हुए पर्यावरण विभाग सहित सभी अधिकारी चले गए।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
जनसुनवाई के बाद कुछ भाजपा नेता व ग्रामीण रायपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां सभी जनसुनवाई निरस्त करने की मांग की और विरोध में एक ज्ञापन सौंपा। साथ ही जायसवाल निको स्टील प्लांट के विस्तारीकरण निरस्त करने की मांग की।
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