कोयले के लिए जंगल का विनाश : हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई, ग्रामीणों ने किया विरोध, पुलिस फोेर्स तैनात अंबिकापुर। सरगुजा के हसदेव अरण्य को बचाने देश प्रदेश में आंदोलन चल रहा है। इसी बीच सोमवार सुबह से परसा कोल माइनंस के लिए पेड़ों की कटाई शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि करीब 250 पेड़ की कटाई हो चुकी है। जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो सैकड़ों की संख्या में मौके पर पहुंचे और पेड़ों की कटाई का विरोध किया। इससे तनाव की स्थिति बन गई। यहां कटाई के पूर्व पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। विवाद व तनाव की आशंका पर एएसपी विवेक शुक्ला बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन भारी विरोध के कारण पेड़ की कटाई रोक दी गई है। इधर, पेड़ कटाई की सूचना मिलने पर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल भी समर्थकों व ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे तथा कटाई का विरोध किया। मौके पर सैकडों की संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर नारेबाजी किया। अमित बघेल ने ग्रामीणों से कहा कि हसदेव अरण्य बचाने पूरे प्रदेश को आगे आने होगा। इसके लिए जबर आंदोलन चलाने की जरूरत है। सभी ग्रामीण एकजुट हो जाये तो आंदोलन को बड़ा किया जा सकता है। लोगों की शक्ति से ये सरकार डरती है। हमने पिछले दिनों 45 दिन की बूढ़ादेव यात्रा कर करीब 2 लाख छत्तीसगढ़िया को राजधानी रायपुर में एकत्रित किया। इसी तरह जंगल बचाने प्रदेश के सभी जिलों में अभियान चलाना होगा। अगर इसके लिये गिरफ्तारी देने की बात आएगी तो सबसे आगे अमित बघेल सामने होगा। इसलिए इस केंद्र और राज्य सरकार को जंगल काटने से रोकने के लिए ताकत दिखानी होगी। बता दें कि पुलिस द्वारा दो ड्रोन कैमरों से आंदोलनकारियों की निगरानी की जा रही है। अभी क्षेत्र में स्थित तनावपूर्ण बनी हुई है। यह तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए पुलिस छावनी बनाकर पेड़ों की कटाई कराने की तैयारी में है।