देरी से कार्रवाई पर उठे सवाल, मदिरा प्रेमियों से लूट के बाद 4 अधिकारी निलंबित, सरकार का टोल फ्री नंबर बेकार रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने अधिक कीमत पर शराब बेचने वाले चार अधिकारियों पर निलंबन की कार्यवाही की है। रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा और बलौदाबाजार-भाटापारा के आबकारी उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन लोग इसे दिखावे की कार्रवाई बता रहे हैं। जब टोल फ्री नंबर पर शिकायत की गई तो उस समय कार्रवार्ई क्यों नहीं की गई। दरअसल वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग के द्वारा अप्रैल-मई माह के विभिन्न तिथियों पर संभागीय और राज्य स्तरीय उड़न दस्ता गठित कर कई स्थानों पर छापेमारी की कार्यवाही की गई। इस दौरान उड़नदस्ता के सदस्य गुप्त रूप से जाकर शराब दुकानों में शराब खरीदी करते रहे, और जहां भी अधिक कीमत पर शराब बिक्री की पुष्टि हुई उन क्षेत्रों के संबंधित अधिकारियों के ऊपर छत्तीसगढ़ शासन के अवर सचिव मनोज कुमार मिश्रा ने निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबित अधिकारियों के क्षेत्र में आने वाले मदिरा दुकानों पर आकस्मिक आकस्मिक जांच पर पता चला कि इनके क्षेत्र में पड़ने वाले इन दुकानों में विभिन्न शराबों की कीमतों में ₹10 से लेकर ₹30 तक की वृद्धि करके बेची जा रही थी। जो छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 39-ग के तहत दंडनीय है। जिसके बाद इन पर कार्यवाही करते हुए देर रात इन अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी है। इन अधिकारियों पर की गई कार्रवाई जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है उनमें इनके नाम शामिल हैं। नेतराम सिंह राजपूत – आबकारी उप निरीक्षक, रायपुर यामिनी पोर्ते – आबकारी उप निरीक्षक, जिला – बेमेतरा विशेश्वर साव – आबकारी उप निरीक्षक, जिला – बलौदाबाजार-भाटापारा दीपक ठाकुर – आबकारी उप निरीक्षक, जिला – दुर्ग हिरमी में MRP से अधिक दाम पर शराब की बिक्री, कर्मचारी और ग्राहक भिड़े…