पक्ष-विपक्ष को जमीन खिसकने का डर, बीजेपी और सिंहदेव के बयान से सरकार मुश्किल में, सीएम भूपेश बोले- गोली नहीं चलेगी, भाजपा दिल्ली में करें विरोध
पक्ष-विपक्ष को जमीन खिसकने का डर, बीजेपी और सिंहदेव के बयान से सरकार मुश्किल में, सीएम भूपेश बोले- गोली नहीं चलेगी, भाजपा दिल्ली में करें विरोध
रायपुर। सरगुजा के हसदेव अरण्य पर सियासत तेज हो गई। जंगल बचाने के भारी जनसमर्थन से पक्ष और विपक्ष में बेचैनी बढ़ गई हैं। वहीं आदिवासी समाज की एकजुटता से प्रदेश के बड़े नेता बैकफुट पर है। वे अब मजबुरी में बयान दे रहे हैं। ग्रामीणों के आंदोलन के साथ दिखने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जनता सब कुछ समझ रही है। अभी हाल में टीएस सिंहदेव ने क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान वे जंगल नहीं कटने देने की बात कही। राजधानी में बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर सवाल किया। अब इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया सामने आई है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि, बाबा साहेब (मंत्री सिंहदेव) क्षेत्र के विधायक हैं, अगर वो नहीं चाहते हैं तो पेड़ क्या, एक डंगाल भी नहीं कटेगी। साथ ही यह भी कहा कि, गोली चलने की नौबत ही नहीं आएगी। जो गोली चलाएगा, पहले उन पर गोली चल जाएगी।
गोली चलने की बात मंत्री ने क्यों कही इस पर कई कयास लगाये जा रहे। ग्रामीणों के विरोध के चलते हसदेव के जंगल में पेड़ों की कटाई रूक गई थी। फिर भारी फोर्स के साथ एक बार फिर पेड़ों की कटाई शुरू की गई। जब यह खबर लोगों तक पहुंची तो वे लाठी डंडे के साथ जंगल की सुरक्षा करने पहुंच गए। हालांकि इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
मंत्री सिंहदेव के देरी से समर्थन पर सवाल
बता देंक स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने हसदेव अरण्य मामले को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि, हसदेव जंगल उजाड़ने अगर गोली चलेगी तो पहली गोली मैं खाऊंगा। वहीं मंत्री सिंहदेव ने हसदेव बचाने आंदोलनरत ग्रामीणों को यह भरोसा देते हुए कहा कि वे इस आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं। सोमवार को सिंहदेव ने क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित ग्रामीणों ने चर्चा की थी। लेकिन उनके देरी से आंदोलन को समर्थन देने पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
मंत्री सिंहदेव ने कहा था कि, हसदेव क्षेत्र में खदान खुली तो यहां लगभग 8 लाख पेड़ कट जाएंगे। सोचना होगा कि पहले से जो खदान संचालित है, वह खदान के नियम व शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो आगे जो ब्लॉक आवंटन हुए हैं, वहां के एक एकड़ पेड़ के बदले दो पेड़ लगाने का जो नियम है, उसका पालन कहां हो रहा है।
केंद्र सरकार ने किया खदान आबंटन, विरोध भाजपा का दोहरा चरित्र - भूपेश बघेल
विरोध पर सीएम भूपेश ने कहा कि, खदान आबंटन का काम केंद्र सरकार करती है। भाजपा को केंद्र सरकार के समक्ष विरोध जताना चाहिए। भाजपा की ओर से सवाल उठाना भी गलत है। ये भाजपा का दोहरा चरित्र है। विरोध दिल्ली में होना चाहिए।
सिंहदेव इस्तीफा देकर जाए और लड़ाई का हिस्सा बनें
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और केदार कश्यप ने हसदेव अरण्य के मुद्दे को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। दोनों ने कहा कि, भूपेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री कह रहे हैं, हसदेव जंगल उजाड़ने अगर गोली चलेगी तो पहली गोली मैं खाऊंगा। गोली खाने की जरूरत नहीं है। हसदेव बचाना है तो इस्तीफा देकर जाए और लड़ाई का हिस्सा बनें।
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा, हसदेव अरण्य को लेकर पूरा देश विचलित है। वैश्विक स्तर पर भी इसका विरोध हो रहा है।
आगे उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा था कि, राज्य सरकार के निर्णय से मैं सहमत नहीं। इस पर चर्चा करूंगा। वहीं मुख्यमंत्री का छत्तीसगढ़ विरोधी बयान आ रहा है। पेड़ों की कटाई का समर्थन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ियों की बात करने वाले मुख्यमंत्री से हम पूछना चाहते हैं कि कहां गया छत्तीसगढ़? कहां जाएगा हसदेव अरण्य?
आगे उन्होंने कहा कि, बीजेपी प्रतिनिधिमंडल हसदेव अरण्य के प्रभावित लोगों से मिला। ये योजना छत्तीसगढ़ को बर्बाद करने वाली योजना है। हसदेव बांगो डैम से पांच लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती है. जंगल कटने से कैचमेंट एरिया प्रभावित होगा। सिंचाई खत्म हो जाएगी। ये इलाका हाथियों का हैबिटेट सेंटर है। कोल माइन देने के लिए लेमरु प्रोजेक्ट का हिस्सा कम किया।
पू्र्व मंत्री ने कहा कि हसदेव के मुद्दे पर मुख्यमंत्री जनता को गुमराह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री खुद 10 मिनट बगैर ऑक्सीजन के रह लें फिर बात करें।