मनरेगा कर्मचारियों का आंदोलन स्थगित, सरकार से इन 4 बिंदुओं पर बनी सहमति

मनरेगा कर्मचारियों का आंदोलन स्थगित, सरकार से इन 4 बिंदुओं पर बनी सहमति रायपुर। छत्तीसगढ़ के मनरेगा कर्मचारियों ने 66 दिनों से जारी हड़ताल को स्थगित कर दी है। सरकार की तरफ से बुधवार को मंत्री कवासी लखमा ने मनरेगा कर्मचारियों से मुलाकात की। जिसके बाद मनरेगा कर्मचारियों और सरकार के बीच चार बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसके बाद छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने तीन महीने के लिए हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया है।

3 महीने में प्रक्रिया पूरी

सरकार द्वारा गठित समिति मांगों पर 3 महीने में प्रक्रिया पूरी करेगी, और दो सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।  

पंचायत नियमावली होगी लागू

मंत्री कवासी लखमा के साथ हुई बातचीत में यह बात निकलकर सामने आई है की मनरेगा कर्मचारियों के नियमितिरण पर फिलहाल विचार नहीं किया जाएगा। लेकिन इन कर्मचारियों पर सिविल सेवा नियम 1966 के तहत पंचायती नियमावली लागू कर दी जाएगी। इसके बाद मनरेगा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों का दर्जा भले ना मिले लेकिन समस्त सुविधाएं और भत्ते नियमित कर्मचारियों के समान ही प्राप्त होंगे।

निलंबित मनरेगा अधिकारियों की फिर से होगी बहाली

सरकार ने 2 जून 2022 को आदेश जारी करते हुए संविदा सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर कार्य कर रहे 21 परियोजना अधिकारियों को सेवा मुक्त कर दिया था। इसके विरोध में छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने आज मंत्री कवासी लखमा के समक्ष मांग रखी। जिसके बाद निर्णय हुआ है कि सभी निलंबित 21 परियोजना अधिकारियों की तत्काल बहाली की जाएगी और बहाली होने के बाद ही हड़ताल कर रहे 12,731 मनरेगा कर्मियों के द्वारा सेवा में उपस्थिति दी जाएगी।

हड़ताल काल का भी मिलेगा वेतन

हड़ताल की अवधि को शून्य मानते हुए हड़ताल अवधि का वेतन समस्त मनरेगा कर्मचारियों को दिया जाएगा। साथ ही यह भी निश्चित किया जाएगा कि इस हड़ताल को आधार बनाते हुए किसी भी कर्मचारी के ऊपर कोई भी प्रशासनिक कार्यवाही नहीं की जाएगी। मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रवक्ता सूरज सिंह ठाकुर ने बताया कि मंत्री के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित की गई है। आश्वासन के आधार पर फिलहाल हड़ताल को स्थगित कर रहे हैं। जॉब सिक्यॉरिटी और पंचायत नियमावली वाली ग्रेड पे की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया गया है। निर्धारित समय में अगर मांग पूरी नहीं होती है, तो फिर से हम आंदोलन करेंगे।

कर्मचारियों की दो सूत्रीय मांग

सभी मनरेगा कर्मियों का नियमितिकरण किया जाए। नियमितिकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक ग्राम रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारण करते हुए समस्त मनरेगा कर्मियों पर सिविल सेवा नियम 1966 के साथ पंचायत कर्मी नियमावली लागू करने की है।  बीजेपी और सिंहदेव के बयान से सरकार मुश्किल में, सीएम भूपेश बोले- गोली नहीं चलेगी, भाजपा दिल्ली में करें विरोध केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का ऐलान, किसानों के लिए जल्द आएगा इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर PM Modi’s success proves democracies can deliver: Biden praises India’s Covid war