ससुराल में शौचालय नहीं तो सरपंच प्रत्याशी का नामांकन फार्म रद्द! कलेक्टर से लगाई गुहार, जानिए पूरा मामला
ससुराल में शौचालय नहीं तो सरपंच प्रत्याशी का नामांकन फार्म रद्द! कलेक्टर से लगाई गुहार, जानिए पूरा मामला
मंडला। एक सरपंच प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने का अजीब मामला सामने आया है। फार्म रद्द होने से प्रत्याशी भी दंग रह गया। उसे बताया गया कि उनके ससुराल में शौचालय नहीं है। इस वजह से आप सरपंच पद के योग्य नहीं है।
पूरा मामला मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला का है। विकासखंड बिछिया के ग्राम पंचायत आमा डोंगरी में सरपंच पद के प्रत्याशी राजेंद्र उइके के ससुराल में शौचालय नहीं होने की वजह से उसका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया।
राजेंद्र उइके ने बताया कि मैंने सरपंच पद हेतु फॉर्म दाखिल किया था पर मेरा फॉर्म मैडम के द्वारा निरस्त कर दिया गया, कारण पूछने पर मुझे बताया गया कि तुम्हारे यहां शौचालय नहीं है, जबकि मेरे घर में शौचालय बना हुआ है। कुछ विरोधियों द्वारा आपत्ति लगाकर मेरा फार्म रिजेक्ट करा दिया गया, जबकि मेरे ससुराल में शौचालय का काम चल रहा है, मेरे ससुराल में शौचालय ना होने के कारण मेरा फार्म रिजेक्ट कर दिया गया है, जो कि गलत है।
एसडीएम ने नहीं सुनी शिकायत
इस मामले को लेकर मंडला कलेक्टर को अवगत कराया गया तो उन्होंने इस विषय को लेकर एस.डी.एम. के पास भेज दिया, पर एस.डी.एम. के द्वारा कहा गया कि रिजेक्ट हो गया तो हो गया, उस पर कोई सुधार नहीं होगा, जबकि हमारे पास शौचालय होने का प्रमाण पत्र पंचायत के द्वारा दिया गया था, उसको भी एस.डी.एम. मैडम ने देखने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों के साथ प्रत्याशी दिन भर यहां से वहां भटकते रहे पर इनकी सुनने वाला कोई नहीं था।
यह अजीबो-गरीब मामला मंडला जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले में हुआ जहां सरपंच पद के उम्मीदवार को जिम्मेदार अधिकारियों ने भी चलता कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि जिले में आदिवासियों के शोषण के मामले आए दिन आते रहते हैं, इसी जिले से दो-दो सांसद आदिवासी समाज से ही आते हैं, फिर भी उनकी सुध लेने वाला यहां कोई भी नहीं है।
मध्य प्रदेश में सरपंच पद के लिये ये दस्तावेज जरूरी
इस बार सभी प्रत्याशियों को नामांकन पत्र के साथ संलग्र किए जाने वाले शपथ पत्र में संपत्ति, आपराधिक ब्यौरा का विवरण देने के साथ ही घर में शौचालय होने का उल्लेख भी करना होगा। नामांकन भरने वाले प्रत्याशियों को बिजली बिल या फिर शासकीय धन के बकाया न होने का नोड्यूज भी संलग्न करना होगा।
- आरक्षित वर्ग के सदस्य को नामांकन पत्र के साथ जाति प्रमाण-पत्र भी देना होगा। अगर नामांकन के साथ प्रमाणपत्र न लगा सकें तो संवीक्षा की तारीख से पहले जमा कराना अनिवार्य होगा।
- प्रत्येक प्रत्याशी को आपराधिक रिकॉर्ड, दायित्व और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित शपथ-पत्र या घोषणा-पत्र देना होगा।
- प्रत्याशियों को शपथ-पत्र में स्वयं, पति-पत्नी और आश्रितों की आयकर विवरणी में दर्शित कुल आय, चल-अचल संपत्ति, सार्वजनिक एवं वित्तीय संस्थाओं और सरकार के प्रति देनदारियों का ब्यौरा देना होगा।
- प्रत्याशी को पंचायत या अन्य किसी भी जगह शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और घर में शौचालय होने का उल्लेख भी शपथ-पत्र में करना होगा।