हसदेव अरण्य मामला : विशेष ग्राम सभा में परसा ईस्ट प्रोजेक्ट के खिलाफ प्रस्तावित पारित, कलेक्टर ने ग्राम सभा किया स्थगित, आदेश जारी
रायपुर। सरगुजा जिले के हसदेव अरण्य बचाने का अभियान तेज हो गया है। ग्रामीणों ने 8 जून को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया, इसमें परसा ईस्ट बासेन प्रोजेक्ट के विरोध में प्रस्ताव पास किया गया, लेकिन प्रभारी कलेक्टर ने विशेष ग्राम सभा कराने का आदेश ही स्थगित कर दिया है। अब अचानक से विशेष ग्राम सभा स्थगित करने से कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला के मुताबिक, विशेष ग्राम सभा प्रोजेक्ट के विरोध में सभी ग्रामीणों प्रस्ताव दिया है। जंगल बचाने सभी लोग एकजुट है। आंदोलन को और मजबूत करने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में अभियान चलाया जाएगा। लेकिन कलेक्टर ने ग्राम सभा कराने के आदेश को ही स्थगित कर दिया है। वरिष्ठ पत्रकार आलोक पुतुल ने भी ट्वीट कर बताया कि छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य में कले्टर के आदेश के बाद आज कोयला खदान को लेर आटबर्रा में ग्रामसभा का आयोजन किया गया। गांव के लोगों द्वारा ग्रामसभा में,खदान के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया। https://twitter.com/thealokputul/status/1534532883247153153?t=65P9Lqs_4lFtL4cLrWqYGA&s=08 बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पिछले दिनों 6 तारीख को उदयपुर के हसदेव, बांसेन, घाट बर्रा इन इलाकों में ग्रामीणों के द्वारा किए जा रहे विरोध के संबंध में गए हुए थे। जहां उन्होंने यह भी कहा था कि अगर गोली भी चलती है तो वह पहली गोली खुद खाएंगे। इसके बाद दूसरों को गोली लगेगी। मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि सिंहदेव की इच्छा के बगैर पेड़ क्या, डगाल भी नहीं कटेगा। इधर, मंत्री के देरी से दिये बयान पर भी कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा का कहना है कि विरोध करना है तो मंत्री पद से इस्तीफा देकर करें, सरकार पद पर रहकर बयान देना उन्हें शोभा नहीं देता। सिर्फ दिखावे के लिए ग्रामीणों समर्थन कर रहे हैं।
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