कश्मीर के अलगाववादी नेता गिलानी का निधन, पाकिस्तान ने भारत को दी धमकी, बोले- आग से ना खेले

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कट्टरपंथी अलगाववादी और हुर्रियत (जी) के पूर्व प्रमुख सैय्यद अली शाह गिलानी का बुधवार देर रात निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। वहीं गिलानी की मौत पर पाकिस्तान ने धमकी दी है. पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद युसूफ ने कहा कि भारत आग से ना खेले। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिलानी को बुधवार दोपहर सांस लेने में दिक्कत तथा सीने में जकड़न की शिकायत के बाद चिकित्सकों ने घर में ही उनकी देखभाल की। देर रात लगभग साढ़े 10 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह 5 बजे कड़ी सुरक्षा में गिलानी का अंतिम संस्कार किया गया.

सैय्यद अली शाह गिलानी गुर्दे संबंधी बीमारी से पीड़ित थे

गिलानी पिछले 20 साल से गुर्दे संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। वे 2008 से लगातार हैदरपोरा स्थित आवास पर नजरबंद थे। गिलानी के निधन पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान समेत तमाम लोगों ने दुख जाहिर किया है। पाकिस्तान में गिलानी के 'हम पाकिस्तानी और पाकिस्तान हमारा' नारे को भी खूब याद किया जा रहा है। आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि पूरी घाटी में पाबंदियां लगाने के साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवा स्थगित कर दी गई है। इस बीच दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग से हुर्रियत नेता तथा जम्मू-कश्मीर पीपुल्स लीग के अध्यक्ष मुख्तार अहमद वाजा को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।  यह भी पढ़े- भारत में कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक, 24 घंटे में मिले 47 हजार से ज्यादा मरीज, जानिए मौत की संख्या गिलानी के निधन के बाद पूरी घाटी में अलर्ट कर दिया गया। पुलिस तथा सुरक्षा बलों की संवेदनशील स्थानों पर तैनाती कर दी गई है। सभी जिलों के एसएसपी को कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी गई है। गिलानी के परिवार वाले चाहते हैं कि श्रीनगर के शहीदी कब्रगाह में उन्हें दफनाया जाए, लेकिन उन्हें हैदरपोरा में दफनाए जाने की उम्मीद है। उधर, उत्तरी कश्मीर के लोगों से संयम बरतने की पुलिस ने अपील की है। लोगों से श्रीनगर की ओर न जाने की सलाह दी है।  सैय्यद अली शाह गिलानी सोपोर से तीन बार विधायक चुने गए अनुच्छेद 370 हटने के बाद जून 2020 में उन्होंने हुर्रियत (जी) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। 29 सितंबर 1929 को सोपोर में जन्मे गिलानी पूर्व में जमात-ए-इस्लामी के सदस्य थे, लेकिन बाद में तहरीक-ए-हुर्रियत का गठन किया। वे आल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस के चेयरमैन भी रहे। 1972, 1977 व 1987 में वे सोपोर से विधायक रहे।  पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने जताया शोक निधन पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती व पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने संवेदना प्रकट की है। महबूबा ने ट्वीट किया कि गिलानी साहब के निधन की खबर से दुखी हूं। हम ज्यादातर बातों पर सहमत नहीं हो सकते हैं, लेकिन मैं उनकी दृढ़ता और उनके विश्वासों के साथ खड़े होने के लिए उनका सम्मान करती हूं। अल्लाहताला उन्हें जन्नत और उनके परिवार तथा शुभचिंतकों के प्रति संवेदना प्रदान करें।  यह भी पढ़े- आपके Aadhaar Number से कितने मोबाइल नंबर रजिस्टर, क्या आपको पता है?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान गिलानी के निधन पर जताया दुख

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि वह गिलानी के निधन की खबर सुनकर बेहद दुखी हैं। इमरान खान ने लिखा, गिलानी ने जिंदगी भर अपने लोगों और कश्मीरियों के आत्म-निर्णय के अधिकार की लड़ाई लड़ी। उन्होंने तमाम प्रताड़नाएं झेलने के बावजूद अपना संकल्प बनाए रखा। पाकिस्तान उनके निधन पर एक दिन का शोक दिवस मनाएगा और पाकिस्तान का झंडा आधा झुका रहेगा https://twitter.com/YusufMoeed/status/1433145210335281159

पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद युसूफ की धमकी

पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद युसूफ ने लिखा, गिलानी के निधन की खबर दुखी करने वाली है। उन्होंने कश्मीर और कश्मीर की आजादी के लिए अपनी जिंदगी गुजार दी. वह पाकिस्तानियों और कश्मीरियों दोनों के लिए एक हीरो थे। अल्लाह उनकी आत्मा को शांति दे। युसूफ ने एक अन्य ट्वीट में लिखा,  हमने सुना है कि भारतीय सेना गिलानी साहब के परिवार पर रात में ही शव दफनाने के लिए दबाव डाल रही थी। हमने ये भी सुना है कि कश्मीर में पाबंदी लगा दी गई है। मैं मांग करता हूं कि भारत गिलानी साहब की अंत्येष्टि इस्लामिक रिवाज से होने दे. मैं भारत को चेतावनी देता हूं कि वो आग से ना खेले. कश्मीरी ऐसी कायरतापूर्ण हरकतों का मुकाबला करेंगे।'' यह वीडियो देखें-