स्कूल सफाई कर्मचारियों के सब्र का बांध टूटा, 118 दिन से आंदोलनरत, स्कूल खुलते ही दिया सामूहिक इस्तीफा, जानिए मांग

स्कूल सफाई कर्मचारियों के सब्र का बांध टूटा, 118 दिन से आंदोलनरत, स्कूल खुलते ही दिया सामूहिक इस्तीफा, जानिए मांग रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल खुलते ही करीब 43 हजार स्कूल सफाईकर्मियों ने अपना इस्तीफा दे दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए सफाई कर्मचारी अपने साथियों का इस्तीफा लेकर बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पहुंचे थे। गुरुवार को हजारों कर्मचारियों ने विरोध रैली निकाली। इसके बाद सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। जिला प्रशासन के अधिकारियों को ये इस्तीफे सौंप दिये गए। क्लिक कर पढ़े- नियमितिकरण की मांग के बदले मिली मौत, एक स्कूल सफाई कर्मचारी की गई जान, आंदोलनकारी गुस्से में गौरतलब है कि गुरुवार को ही प्रदेश के हजारों स्कूल खुले। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ और इसी दिन सफाई कर्मचारियों ने काम छोड़ दिया। कर्मचारियों ने कहा कि उनसे स्कूल में हर तरह का काम करवाया जाता है। यहां तक की कई नक्सल प्रभावित गांवों में तो पढ़े लिखे सफाईकर्मचारी टीचर्स की गैर मौजूदगी में क्लास तक लेते हैं। स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने भरी हुंकार, बोले- 43 हजार कर्मचारियों की मांग पूरी करे सरकार, नहीं तो करेंगे बड़ा आंदोलन छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ ने मीडिया को बताया कि हम रायपुर के धरना स्थल पर 118 दिनों से धरना दे रहे हैं। एक भी अधिकारी हमारी बात सुनने को नहीं आया। हमें नियमित करने का वादा किया गया था, मगर वादा पूरा नहीं किया गया। काम के बदले में हमें सिर्फ 2300 रुपए मिलते हैं। पिछले तीन महीनों से वेतन भी नहीं मिला है। ऐसे में महंगाई के जमाने में घर चलाना मुश्किल है। अब जब तक हमें नियमित नहीं किया जाता हम काम पर लौटने वाले नहीं हैं। देखिए वीडियो-

क्या है मांग

स्कूल सफाई कर्मचारी संघ की सिर्फ एक सूत्रीय मांग है। अंशकालीन को पूर्णकालीन किया जाए और वेतन कलेक्टर दर पर दिया जाए। अभी कलेक्टर दर 9 से 10 हजार है। वर्तमान में स्कूल सफाई कर्मचारियों को हर महीने 2,300 रुपए दिया जा रहा है।  PM Modi’s success proves democracies can deliver: Biden praises India’s Covid war