यशवंत सिन्हा होंगे विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, 19 दलों का मिला समर्थन, इस दिन करेंगे नॉमिनेशन नई दिल्ली। विपक्ष ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। इस बार पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने विपक्षी नेताओं की बैठक के बाद इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों (19 दल) ने चर्चा के बाद यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। देश के नए राष्ट्रपति का चुनाव 18 जुलाई को होना है। सिन्हा 27 जून की सुबह 11.30 बजे नॉमिनेशन दाखिल करेंगे। रमेश ने विपक्ष के इस चुनाव की वजहें बताते हुए कहा कि यशवंत सिन्हा एक विशेष रूप से योग्य प्रत्याशी होंगे। वे भारत के धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक ताने-बाने को मानने वाले व्यक्ति हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि हमें दुख है कि मोदी सरकार अब तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर एकराय बनाने के लिए गंभीर नहीं हो सकी है। गौरतलब है कि सिन्हा का नाम पवार, गोपालकृष्ण गांधी और फारूक अब्दुल्ला के राष्ट्रपति पद के चुनाव की दौड़ से बाहर होने के बाद सामने आया। विपक्षी पार्टियों की बैठक में कांग्रेस, राकांपा, तृणमूल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), समाजवादी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में शामिल होने वालों में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे और जयराम रमेश, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, द्रमुक के तिरुचि शिवा, माकपा के सीताराम येचुरी और भाकपा के डी राजा शामिल थे। पांच क्षेत्रीय दल - तेलगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), बीजु जनता दल (बीजेडी), आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमण अकाली दल (शिअद) और युवाजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) इस बैठक से दूर रहे। इन पार्टियों को किसी भी धड़े में नहीं माना जाता। ये पार्टियां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई 15 जून की बैठक से भी दूर रही थीं। यशवंत सिन्हा ने छोड़ी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को पार्टी छोड़ने का एलान करते हुए कहा कि अब वह वृहद विपक्षी एकता के व्यापक राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए काम करेंगे। सिन्हा ने ट्वीट किया, ममता जी ने जो सम्मान मुझे तृणमूल कांग्रेस में दिया, मैं उसके लिए उनका आभारी हूं। अब समय आ गया है जब वृहद विपक्षी एकता के व्यापक राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए मुझे पार्टी से अलग होना होगा। मुझे यकीन है कि वह (ममता) इसकी इजाजत देंगी।