छत्तीसगढ़ : बोरियों में 80 लाख देख पुलिस वालों के उड़े होश, फिर किया जब्त, अंतर्राज्यीय गिरोह के दो लोग भी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ : बोरियों में 80 लाख देख पुलिस वालों के उड़े होश, फिर किया जब्त, अंतर्राज्यीय गिरोह के दो लोग भी गिरफ्तार कोंडागांव। जिले में 80 लाख रुपए अवैध रूप से परिवहन करते अंतर्राज्यीय गिरोह के दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। रकम जगदलपुर से रायपुर ले जायी जा रही थी। ये पूरा मामला कोंडागांव जिला के फरसगांव थाना क्षेत्र का हैं। बताया जा रहा हैं कि रूटीन जांच के दौरान जब पुलिस टीम ने कार की जांच की, तो उसमें पिछली सीट के नीच गोपनीच चेंबर से एक बोरी बरामद किया गया। चेंबर को खुलवाने के बाद उसमें रखे बोरी को जब खोला गया, तब पुलिस की भी आंखे फटी रह गई। मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए कोंडागांव एसपी दिव्यांग पटेल ने पुलिस टीम को वाहनों की जांच सख्त दिर्नेश दिया गया हैं। रोज की तरह आज सुबह के वक्त भी पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से पुलिस अधिकारियों को एक महिंद्रा टीयूव्ही कार में भारी मात्रा में पैसा ले जाये जाने की जानकारी मिली। पुलिस टीम को अलर्ट जारी किया गया। कुछ देर बाद ही महिंद्रा टीयूव्ही क्रमांक यूपी 32 के एक्स 3158 को पुलिस टीम ने रोका। गाड़ी में 2 युवक सवार थे, उनसे पूछताछ करने के बाद गाड़ी की तलाशी ली गई, पूरी छानबीन के बाद भी गाड़ी में कुछ नहीं मिला। इसके बाद जब पुलिस ने गाड़ी के पिछली सीट के नीचे के हिस्से की जांच की तो वहां एक गोपनीय चेंबर बना मिला। चेंबर को खुलवाने के बाद जब उसमें रखी पीले रंग की बोरी को पुलिस ने खोला तो उनकी आंखे फटी की फटी रह गई। बोरी में 500 रूपये के नोटों के बंडल भरे हुए थे। जिसे दोनों युवक गुजरात के सूरत से यूपी ले जाये जाने की बात पुलिस को बताई हैं। नोटों की गिनती कराये जाने के बाद 80 लाख रूपए पुलिस ने जब्त किया हैं। जिसके संबंध में जब दोनों युवकों से जानकारी चाही गई, तो दोनों ने गोलमोल जवाब देकर गुमराह करने का प्रयास किया गया। कार का चालक भार्गव पटेल और उसके साथी जयेश कुमार भोलाभाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं। दोनों युवक गुजरात के रहने वाले हैं। पुलिस को इतनी बड़ी रकम के वैध कागजात और सही जानकारी नही मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ (41,1,4) 379 के तहत अपराध दर्ज कर दोनों युवकों को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया गया है। वहीं पुलिस अधिकारी 80 लाखे रुपए किसके माध्यम से किसके पास भिजवाये जा रहे थे, इसका जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे है।