राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने दाखिल किया नामांकन, राहुल गांधी समेत विपक्ष के दिग्गज नेता थे साथ नई दिल्ली। विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने आज संसद भवन पहुंचकर नामांकन दाखिल कर दिया है। इसे मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एनसीपी के लीडर शरद पवार समेत कई विपक्षी नेता उनके साथ मौजूद थे। यही नहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी, द्रमुक के ए राजा, नेकां नेता फारूक अब्दुल्ला और टीएमसी के सुधींद्र कुलकर्णी समेत कई अन्य विपक्षी नेता मौजूद थे। कांग्रेस के राज्यसभा में नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस मौके पर थे, जो राहुल गांधी के बगल में बैठे नजर आए। बता दें कि एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पिछले हफ्ते ही अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुकी हैं। क्लिक कर पढ़े- पीएम मोदी शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे जर्मनी, एयरपोर्ट पर हुआ जोरदार स्वागत 18 जुलाई को चुनाव और 21 जुलाई को मतगणना बता दें कि अगला राष्ट्रपति निर्वाचित करने के लिए चुनाव 18 जुलाई को होगा तथा मतगणना 21 जुलाई को होगी। इस चुनाव में सांसदों और विधायकों वाले निर्वाचक मंडल के 4,809 सदस्य मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के उत्तराधिकारी का चुनाव करेंगे। लोकसभा और राज्यसभा के साथ-साथ कई राज्य विधानसभाओं में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संख्या बल के मद्देनजर पार्टी आगामी चुनाव में अपने उम्मीदवार की जीत आसानी से सुनिश्चित करने की स्थिति में है। यशवंत सिन्हा बोले- यह दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई यशवंत सिन्हा के नामांकन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि वहीं यह दो व्यक्तियों के बीच की लड़ाई नहीं है, यह दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई है। यशवंत सिन्हा सबसे अच्छे उम्मीदवार- सौगत रॉय यशवंत सिन्हा के नामांकन के बाद टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि यह लड़ाई दो व्यक्तियों के बीच नहीं बल्कि विचारधारा की लड़ाई है। मुझे लगता है कि यशवंत सिन्हा सबसे अच्छे उम्मीदवार हैं। कांग्रेस, द्रमुक, राजद, राकांपा और अन्य उनका समर्थन कर रहे हैं। यह देश के सर्वोत्तम मूल्यों का इंद्रधनुषी रंग का गठबंधन है। राष्ट्रपति भवन में रबड़ स्टांप आया तो विनाशकारी होगा- यशवंत सिन्हा विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने रविवार को कहा था कि अगले महीने होने वाला राष्ट्रपति चुनाव व्यक्तिगत मुकाबले से कहीं अधिक है और सरकार की तानाशाही प्रवृत्तियों का विरोध करने की दिशा में एक कदम है। सिन्हा ने कहा कि वह अपने बेटे एवं भाजपा सांसद जयंत सिन्हा का समर्थन नहीं मिलने को लेकर किसी ‘धर्म संकट' में नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरा बेटा अपने ‘राज धर्म' का पालन करेगा और मैं अपने ‘राष्ट्र धर्म' का पालन करूंगा। उन्होंने कहा, ‘यह चुनाव महज भारत के राष्ट्रपति के चुनाव से कहीं बढ़कर है। यह चुनाव सरकार की तानाशाही प्रवृत्तियों का विरोध करने की दिशा में एक कदम है। यह चुनाव भारत की जनता के लिए संदेश है कि इन नीतियों का विरोध होना चाहिए। यशवंत सिन्हा को जिताने के लिए करें कोशिश- शरद पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों को अपने उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई राष्ट्रपति चुनाव के अंकगणित पर नजर डालें तो स्थिति उतनी खराब नहीं है, जितनी बताई जा रही है और विपक्षी दलों को अच्छी लड़ाई लड़ने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे। पवार ने कहा, 'जब हम चुनाव लड़ते हैं, तो हम जीतने के लिए लड़ते हैं। जब दो उम्मीदवार हों, तो दोनों जीत नहीं सकते। प्रत्येक उम्मीदवार के लिए स्थिति अलग है। यह मुकाबला सिद्धांतों के बारे में है। हमने यशवंत सिन्हा को अपने साझा उम्मीदवार के रूप में चुना है और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करना हमारी जिम्मेदारी है। परिणाम कुछ भी हो, हम इसके बारे में बाद में बात कर सकते हैं।' PM Modi’s success proves democracies can deliver: Biden praises India’s Covid war