कर्मचारी अधिकारियों ने जड़ा दफ्तरों में ताला, बोले- मौलिक अधिकार नहीं दिया तो 25 से 29 जुलाई तक शासकीय कार्यालय होंगे बंद रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आव्हान पर 146 ब्लॉक और 29 जिलों में कर्मचारी-अधिकारियों ने बुधवार को कलम बंद, काम बंद हड़ताल किया। इससे सरकार का कामकाज ठप हो गया। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा एवं प्रमुख प्रवक्ता विजय झा का कहना है कि राज्य सरकार कर्मचारियों के मौलिक अधिकार का हनन कर रही है। राज्य सरकार द्वारा देय तिथि से 34 प्रतिशत डी ए और 7 वे वेतन में एच आर ए नहीं देने से कर्मचारी नाराज हैं। क्लिक कर पढ़े- जमीन के लिए रिश्ते का कत्ल: संपत्ति विवाद में कातिल बना छोटे भाई, टंगिया से सिर काट बड़े भाई की कर दी हत्या उन्होंने बताया कि यदि सरकार ने सही समय पर सही निर्णय नहीं लिया तो अगले चरण में 25 जुलाई से 29 जुलाई तक शासकीय कार्यालयों में तालाबंदी होगी। उन्होंने कहा कि आज का महारैली सरकार को वास्तविकता बताने एवं जगाने के लिए किया गया है। अभी गेंद सरकार के पाले में है। फिर एक बच्चा बोरवेल में गिरा, प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचे, सीएम ने रेस्क्यू ऑपरेशन संयोजक ने बताया कि फेडरेशन ने संभाग प्रभारी,संभाग एवं जिला संयोजक नियुक्त किये गये हैं। रायपुर संभाग में चंद्रशेखर तिवारी, अजय तिवारी ,दुर्ग संभाग में राजेश चटर्जी, आनंदमूर्ति झा ,बस्तर संभाग में कैलाश चौहान, गजेंद्र श्रीवास्तव, बिलासपुर संभाग में पी आर यादव एवं डॉ बी पी सोनी तथा सरगुजा संभाग में ओंकार सिंह एवं कौशलेन्द्र पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रांतव्यापी महारैली आयोजित हुआ। फेडरेशन द्वारा नियुक्त प्रदेश के 31 जिले के संयोजकों ने आंदोलन का कमान संभाले रहे। प्रवक्ता ने बताया कि हड़ताल में सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अवकाश आवेदन जमा कर कर्मचारी न्याय सभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराया। फेडरेशन के 14 सूत्रीय माँगपत्र में से 2 लंबित मुद्दों देय तिथि से 34 % डी ए एवं एच आर ए के समर्थन में जबरदस्त नारेबाजी कर राज्य शासन के उपेक्षापूर्ण नीति के विरूद्ध अपना आक्रोश व्यक्त किया गया । राजधानी रायपुर के महारैली को सफल बनाने में जिला संयोजक उमेश मुदलियार, संजय शर्मा, राजेश सोनी, आलोक नगपुरे, सुनील नायक आदि ने विशेष भूमिका निभाया। PM Modi’s success proves democracies can deliver: Biden praises India’s Covid war