बच्चों का भविष्य अधर में, स्कूल भवन खस्ताहाल, केवल दो शिक्षक के भरोसे 114 छात्र-छात्राएं
बच्चों का भविष्य अधर में, स्कूल भवन खस्ताहाल, केवल दो शिक्षक के भरोसे 114 छात्र-छात्राएं
रायपुर। जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम भैंसमुड़ी की प्राथमिक शाला और मिडिल स्कूल की हालत काफी खराब है। स्कूल भवन जर्जर, बारिश में कभी भी अनहोनी हो सकती है। वहीं यहां के मीडिल स्कूल केवल दो शिक्षक के भरोसे है, जबकि पढ़ने वाले 114 बच्चे हैं। पालकों ने बताया कि स्कूल भवन जर्जर होने की वजह से एक कक्षा में सभी बच्चों की क्लास लगती है, जो कि शिक्षकों के लिए परेशानी बनी हुई है। आखिर एक ही कक्षा में सभी बच्चों को कैसे पढ़ाएं।
वहीं प्राथमिक स्कूल में 120 बच्चों की क्लास दो ही कक्ष में तीन शिक्षकों के भरोसे चलती है। शिक्षकों ने बताया कि यहां 120 बच्चों के पांच शिक्षक हैं, वहीं एक शिक्षक को अतिरिक्त प्रभार देते हुए अन्यत्र भेज दिया गया है। एक शिक्षक का काम प्रधान पाठक के कार्य के रूप में निकल जाता है। बचे तीन शिक्षक जो पांचवीं कक्षा तक अध्यापन कराते हैं। ऐसे में बच्चों का अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
शाला समिति और शिक्षकों की और से बैठक कर कई बार जर्जर भवन को लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन नए शिक्षण सत्र चालू होने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया।
रसोइए भी परेशान
आरंग ब्लाक के भैसमुड़ी गांव के बच्चों को शिक्षित करने के लिए बनाया गया स्कूल भवन जर्जर हो गया है। वहीं किचन की भी हाल ठीक नहीं है। दरवाजा टूट कर निकल गया है। खाना बनाने वाली रसोइए हिरमत बारले और संतोषी डहरिया ने बताया कि पानी भरे होने की वजह से किचन तक आने और खाना ले जाने में काफी तकलीफ़ का सामना करना पड़ता है। छोटी सी जगह में इतने बच्चों का खाना बनाने में काफी परेशानी होती है। दरवाजा नहीं होने की वजह से सामान लाने ले जाने में दिक्कत होती है।
शौचालय की हालत ठीक नहीं
बच्चों के सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय की भी हालत ठीक नहीं है। बच्चे मज़बूरी बस कीचड़ भरे रास्ते से होकर टूटे-फूटे दरवाजे और कबाड़ हो चुके शौचालय में जाने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चों ने इनकी जल्द मरम्मत की मांग की है, लेकिन आज तक फंड जारी नहीं हुआ।
फंड जारी नहीं हुआ
ग्राम पंचायत भैंसमुडी के सरपंच रामायण वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव बना कर भेज दिया गया है। जर्जर स्कूल भवन की स्थिति से शासन-प्रशासन को अवगत करा दिया है। लेकिन आज तक फंड जारी नहीं हुआ है।
कई बार दिए आवेदन
मिडिल स्कूल शाला समिति के अध्यक्ष सुनीता टंडन व उपाध्यक्ष महेश साहू का कहना है कि स्कूल भवन की मरम्मत को लेकर शाला समिति की बैठक कर कई बार उच्चाधिकारियों को आवेदन दिए जा चुके है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है। नए भवन एवं मरम्मत के लिए तीन से चार बार आवेदन दे चुके हैं।
आरंग जनपद पंचायत सभापति प्रतिनिधि अनिल सोनवानी ने बताया कि मौके पर मैने स्वयं स्थिति का जायजा लिया है। स्कूल के भवनों की स्थिति काफी खराब है। मरम्मत की अतिशीघ्र आवश्यकता है। इस विषय को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए शीघ्र मरम्मत की मांग करूंगा।
सुरक्षा की चिंता
भैंसमुड़ी प्राथमिक शाला प्रधान पाठक ईश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि इस मामले को लेकर छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए कई बार शिक्षा अधिकारियों को पूरी स्थिती से अवगत कराते हुए पत्र और वीडियो के माध्यम से जानकारी भेजा हूं। लेकिन अभी तक स्थिति वहीं है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भवन की मरम्मत अति आवश्यक है।
भैंसमुड़ी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला प्रधानाचार्य निर्मला कोशले मैने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए भवन की मरम्मत और शिक्षक की कमी को लेकर शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया हूं। लेकिन इस विषय को लेकर आज तक कोई पहल नहीं हुई है।
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