सरकारी शिक्षकों की विवरण समेत फोटो शाला परिसर की बाहरी दीवार में होगी प्रदर्शित, सभी डीईओ को निर्देश जारी

सरकारी शिक्षकों की विवरण समेत फोटो शाला परिसर की बाहरी दीवार में होगी प्रदर्शित, सभी डीईओ को निर्देश जारी रायपुर। सुदूर अंचलों में स्थित शालाओं में निरीक्षण के दौरान प्रोक्सी (प्रतिनिधि) मतलब अपने स्थान पर एवजी शिक्षकों के कार्यरत होने की जानकारी प्राप्त होने पर स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक नरेन्द्र दुग्गा द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आगामी 10 दिनों के भीतर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए हैं। साथ ही प्रोक्सी अथवा एवजी शिक्षकों की जानकारी प्राप्त होने पर संकुल समन्वयकों के माध्यम से तत्काल इसकी शिकायत विकासखंड शिक्षा अधिकारी को करवाते हुए एक्शन लेने कहा गया है। एवजी या प्रोक्सी शिक्षकों की समस्या के निराकरण के लिए आगामी दस दिनों के भीतर सभी शालाओं में कार्यरत शासकीय शिक्षकों के फोटो और उनके नाम सहित विवरण बाहरी दीवार पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शासकीय शिक्षकों के दस्तावेजों का कार्यालय में वेरिफिकेशन करते हुए प्रमाणीकरण करने कहा गया है। शाला प्रबन्धन समिति के साथ सभी कार्यरत शासकीय शिक्षकों का परिचय सत्र आयोजित कर प्रत्येक शिक्षक द्वारा उनके समक्ष शाला गुणवत्ता सुधार हेतु लक्ष्य निर्धारित कर प्रस्तुतीकरण करने भी कहा गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों को सभी शालाओं में आगामी दस दिनों के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा गया है, जिससे राज्य स्तर से निरीक्षण के दौरान सभी शालाओं में यह व्यवस्था लागू होने की सूचना मिल सके।

क्या है प्रोक्सी शिक्षक

प्रॉक्सी टीचर एक प्रकार से गेस्ट टीचर होते है या अतिथि शिक्षक कह सकते हैं, ऐसे शिक्षक तब आते हैं जब रेगुलर टीचर नहीं आ पाते हैं। किसी कारण से या बीमारी या कुछ पोस्ट छुट्टी खोजने के लिए नहीं आ रहे हैं तो उनके जगह पर जो है वह जो आपके गेस्ट टीचरों पढ़ाते हैं तो उनको प्रॉक्सी टीचर के नाम से जाना जाता है।