बैंक खाता अपडेट करने के नाम पर लाखों की ठगी, पुलिस ने तीन ठग जयपुर से किया गिरफ्तार रायपुर। बैंक खाता में दस्तावेज अपडेट करने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार तीनों आरोपी जयपुर राजस्थान के रहने वाले है। आरोपियों के कब्जे से घटना से 3 एटीएम कार्ड जब्त किया गया है। साथ ही बैंक खातो में प्राप्त ठगी की रकम 3 लाख 99 हजार रुपए होल्ड कराया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित टुकराम खुंटे ने थाना न्यू राजेन्द्र नगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह महावीर नगर न्यू राजेन्द्र नगर का निवासी है। एन.टी.पी.सी नोएडा दिल्ली से महाप्रबंधक के पद से वर्ष 2009 में सेवानिवृत्त हुआ है। प्रार्थी का बैंक खाता एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक में है। 19 मई 2022 को एसबीआई बैंक से प्रार्थी के मोबाईल फोन में तत्काल पेन कार्ड अपडेट करने और नहीं करने पर नेट बैंकिंग सुविधा बंद करने का मैसेज आया। मैसेज में एक लिंक को क्लिक कर अपडेट करने को कहा गया था। जिस पर प्रार्थी ने उक्त लिंक को क्लिक किया और जैसे-जैसे ओटीपी आता रहा वैसे-वैसे लिंक में भरता चला गया। बार-बार ओटीपी आया और चौथे ओटीपी में कुछ राशि डेबिट लिखा आया, तो प्रार्थी ने ओटीपी नहीं डाला और शक की स्थिति में सारे मैसेज डीलिट कर दिया। इसी दौरान शाम को प्रार्थी को उसका बैंक एकाउंट डिएक्टीवेट होने का मैंसेज आया। कुछ देर बाद प्रार्थी के मोबाईल फोन में मोबाईल नं. 9153805192 से फोन आया कि आपने पेन कार्ड पूरा अपडेट नहीं किया है थोड़ा अपडेट करना बाकी है, जिस पर प्रार्थी ने फोन करने वाले से उसका नाम पूछने पर मोबाईल नम्बर के धारक ने अपना नाम अग्रवाल एवं एसबीआई बैंक, नोएडा से होना बताया। प्रार्थी के एसबीआई का बैंक खाता नोएडा सेक्टर 48 में है, तो प्रार्थी ने जानकारी लेने की कोशिश की जिस पर मोबाईल नम्बर के धारक ने ब्रांच से संबंधित होना बताया एवं एक्टिवेट करने के लिए गूगल में जाकर एसबीआई नेट बैंकिंग एक्टिवेट में क्लिक करने को कहा, फिर प्ले स्टोर से क्विक व्यूहवर इंस्टॉल करने को कहा और प्रार्थी को बातों में उलझाये रखा। प्रार्थी उसकी बातों में व्यस्त हो गया इसी बीच उसने बताया अभी 98 प्रतिशत पूरा हो गया है बैंक से मैंसेज आएगा तब पेन नंबर डालने को कहा। मैसेज नहीं आया फिर उसने दूसरे एकाउंट को खोलकर अपडेट करने को कहा और प्रार्थी बातो-बातों में आईसीआईसी बैंक का खाता नेट बैंकिग से खोल दिया। उक्त मोबाईल नम्बर के धारक ने प्रार्थी को एटीएम के पीछे का फोटो अपने मोबाईल में खीचने को कहा। प्रार्थी ने आपत्ति जताई लेकिन उसने बाकी अपडेट के लिए जरूरी बताकर प्रार्थी से उसके एटीएम का फोटो ले लिया। उसके बाद थोड़ा इंतजार करिए कहकर प्रार्थी को उलझाए रखा तथा प्रार्थी के खाते से पैसा निकालते रहा, जिसकी जानकारी प्रार्थी को मैसेज से प्राप्त हुई। प्रार्थी ने जैसे ही मैसेज देखा तब तक पैसा एकाउंट से डेबिट हो चुका था जिसके बाद उक्त व्यक्ति ने मोबाईल फोन बंद कर दिया। इस प्रकार उक्त मोबाईल फोन के धारक ने प्रार्थी को अपने झांसे में लेते हुये धोखाधड़ी कर प्रार्थी के अलग-अलग बैंक खातों से 4 किस्तों में कुल 8 लाख 78 हजार 999 रूपये का आहरण कर ठगी किया। जिस पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना न्यू राजेन्द्र नगर में अपराध दर्ज किया गया। लाखों रूपये ठगी की घटना को एसएसपी प्रशांत अग्रवाल द्वारा गंभीरता से लेते हुए क्राईम एवं सायबर यूनिट एवं थाना प्रभारी न्यू राजेन्द्र नगर को अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने निर्देशित किया गया। जिसके बाद पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अज्ञात आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा जिस मोबाईल नंबर से प्रार्थी के मोबाईल फोन पर कॉल आया था, उस मोबाईल नंबर का तकनीकी विश्लेषण करते हुये अंततः आरोपी को चिन्हांकित करने में सफलता मिली तथा आरोपी को राजस्थान के जयपुर में लोकेट किया गया।टीम के सदस्यों द्वारा जयपुर पहुंचकर जयपुर में लगातार कैम्प करते हुए आरोपी की पड़ताल करने पर यह सुनिश्चित हुआ कि आरोपी द्वारा बहुत ही सर्तकता से अपनी स्वयं की पहचान छिपाते हुये इस तरह की ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपी द्वारा उपयोग किये गये मोबाईल नंबर फर्जी होने के साथ ही बैंक खातों के पते भी दूसरे स्थानों के थे। आरोपी द्वारा उन मोबाईल नंबरों एवं खातों का उपयोग सिर्फ और सिर्फ ठगी की वारदात को कारित करने के लिए किया गया था। जयपुर में कैम्प कर रही टीम को तकनीकी विश्लेषण के आधार पर घटना में संलिप्त आरोपी विनोद दुबे के संबंध में सूचना प्राप्त हुई। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा पतासाजी करते हुये आरोपी विनोद दुबे को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। आरोपी विनोद दुबे से घटना के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपने साथी नरेन्द्र कुमार कुमावत एवं दिनेश चलावरिया के साथ मिलकर प्रार्थी को झांसे में लेते हुये अपना शिकार बना कर लाखों रूपये की ठगी की घटना को अंजाम दिया। इसके अलावा देश भर में बैंक खाता में दस्तावेज अपडेट करने के नाम पर अलग - अलग लोगों को अपना शिकार बनाते हुए लाखों रूपए की ठगी करना बताया गया है। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा घटना में संलिप्त आरोपी नरेन्द्र सिंह कुमावत एवं दिनेश चलावरिया को गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अलग-अलग बैंको के 3 नग एटीएम कार्ड जब्त करने के साथ ही आरोपियों द्वारा बैंक खातों में प्राप्त ठगी की रकम 3 लाख ,99 हजार रूपये को होल्ड कराया जाकर कार्यवाही की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से अन्य घटनाओं के संबंध में भी विस्तृत पूछताछ की जा रही है।