करंट लगने से 10 कांवड़ियों की मौत, 16 घायल, जिला अस्पताल में इलाज जारी

करंट लगने से 10 कांवड़ियों की मौत, 16 घायल, जिला अस्पताल में इलाज जारी कोलकाता। करंट लगने के 10 कांवड़ियों की दर्दनाक मौत हो गई है। हादसे कई लोग घायल हैं। पिकअप में कुल 27 लोग सवार थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद 16 लोगों को जलपाईगुड़ी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे में कई लोगों को हल्की चोटें आई थीं।  घटना रविवार देर रात की है। मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में कांवड़िए जिस वाहन में जा रहे थे, उसमें DJ लगा था। साथ में वाहन में जनरेटर भी रखा था। जेनरेटर के वायर में शॉर्ट सर्किट होने से वाहन में करंट फैल गया, जिससे पिकअप वाहन में सवार यात्री इसकी चपेट में आ गए और 10 कांवड़ियों की मौत हो गई। 19 लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि गाड़ी में लगे डीजे सिस्टम के जेनेरेटर की वायरिंग की वजह से करेंट उतरा होगा। एएसपी अमित वर्मा ने बताया, 'मेखलीगंज पीएस के तहत धरला ब्रिज पर एक घटना हुई, जहां पिकअप वैन बिजली की चपेट में आ गई। सभी यात्री जलपेश जा रहे थे। शुरुआती जांच से पता चला है कि यह हादसा जनरेटर (डीजे सिस्टम) की वायरिंग के कारण हो सकता है, जो गाड़ी के पिछले हिस्से में लगाया गया था।' घायल यात्रियों को सबसे पहले चंग्रबंध बीपीएचसी लाया गया। यहां मेडिकल ऑफिसर ने 27 में से 16 लोगों को बेहतर इलाज के लिए जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टर ने 10 लोगों को मृत घोषित कर दिया। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन उनकी जांच की जरूरत है।'

ड्राइवर फरार

एएसपी वर्मा ने बताया कि सभी यात्री सीतलकुची थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा, 'गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। ड्राइवर भाग गया है। मौके पर सीनियर अधिकारी मौजूद हैं। पुलिस टीम भी राहत और किसी भी आवश्यक सहायता के लिए तैनात है।'

सावन के तीसरे सोमवार को उमड़े श्रद्धालु

आज सावन माह का तीसरा सोमवार है और शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है। देश के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है। उत्तर प्रदेश में सावन माह के तीसरे सोमवार को प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। इसके अलावा कानपुर में आनंदेश्वर मंदिर में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचे। सावन महीने के तीसरे सोमवार को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पूजा की गई।