रायपुर। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। बीजेपी ने आज राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें सह-प्रभारी नियुक्त किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की टीम को उत्तर प्रदेस में पहले ही लगा दिया है। प्रदेश के कांग्रेस नेता वहां कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
दरअसल, आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से राज्य उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ अन्य दलों के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में जीत को सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ने 6 महीने पहले ही कमर कसते हुए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रभारी नियुक्त करने के साथ सरोज पांडेय के अलावा अनुराग सिंह ठाकुर, अर्जुनराम मेघवाल, शोभा करंदलाजे, कैप्टन अभिमन्यु, अन्नपूर्ण देवी और विवेक ठाकुर को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। भाजपा के प्रभारी महासचिव अरुण सिंह ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
चार और राज्यों के लिए भी समितियां
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर विधानसभा चुनाव के लिए भी ऐसी ही प्रबंधन समितियां बनाई हैं। इन चारो में किसी में भी छत्तीसगढ़ भाजपा के किसी नेता को जगह नहीं मिली है। उत्तराखंड में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को प्रभारी बनाया है। पंजाब में यह जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के पास है। गोवा में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के पास जिम्मा है। वहीं मणिपुर चुनाव का प्रभारी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को बनाया गया है।
कांग्रेस ने भी कसी कमर
कांग्रेस में छत्तीसगढ़ की चुनावी प्रबंधन टीम कुछ महीने पहले से सक्रिय है। प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी को कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाकर उत्तर प्रदेश का जिम्मा दिया है। राजेश तिवारी और उनकी टीम उत्तर प्रदेश के सभी जिलों का एक दौरा इसी सप्ताह पूरा कर चुकी है। पिछले महीने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी UP कांग्रेस की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी। बताया जा रहा है इस दौरान भी उन्होंने यूपी चुनाव प्रबंधन और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक मदद पर बात हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने UP चुनाव में जिम्मेदारी की पेशकश की थी।
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण कार्ड
भाजपा के इन नियुक्तियों को सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूला भी बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में भाजपा से ब्राह्मण नाराज है। वहीं समाजवादी पार्टी और बसपा ब्राह्मणों के लिए सभा का आयोजन कर रही है। हर कोई इस वर्ग को अपने पाले में लाने की कोशिश में है। इसके अलावा पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल लखनऊ में ब्राह्मणों के खिलाफ बयान दे आए हैं। प्रदेश में ब्राह्मण वोटरों की नाराजगी झेल रही भाजपा ने सरोज के चेहरे के बहाने ब्राह्मण कार्ड खेलकर एकजुटता दिखाने की कोशिश की है।
कौन हैं सरोज पाण्डेय
सरोज पाण्डेय भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं। रायपुर के रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने 1992-93 में एमएससी की डिग्री ली है। छात्र राजनीति से सक्रिय हैं। साल 2000 में इन्हें दुर्ग नगर निगम का महापौर चुना गया। साल 2005 में उन्हें दोबारा महापौर चुना गया। महापौर रहते हुए ही भाजपा ने 2008 के चुनाव में उन्हें वैशाली नगर सीट से विधानसभा का उम्मीदवार बना दिया। पहली पारी में ही सरोज मैदान मारकर विधानसभा पहुंच गईं। उसी वर्ष उन्हें भाजपा महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने दुर्ग से चार बार सांसद ताराचंद साहू को हरा दिया। उस समय वे एक साथ महापौर, विधायक और सांसद थीं। लेकिन 2014 में मोदी लहर के बावजूद लोकसभा का चुनाव हार गई। इसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया।
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