पं. रविशकंर विवि में मनाया गया ’लाइब्रेरियंस-डे’, प्रो. वर्मा बोले- विद्यार्थी पुस्तकों को अपना मि़त्र बनाने पर करें विचार

पं. रविशकंर विवि में मनाया गया ’लाइब्रेरियंस-डे’, प्रो. वर्मा बोले- विद्यार्थी पुस्तकों को अपना मि़त्र बनाने पर करें विचार रायपुर। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के पितृ तुल्य पुरुष डॉ. सियाली रामामृता रंगनाथन की 130वीं जयंती एवं ’लाइब्रेरियंस-डे’ के अवसर पर आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत ’रंगनाथन स्मृति व्याख्यान’ का आयोजन’ पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पं. सुंदरलाल शर्मा ग्रंथागार एवं पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान अध्ययनशाला के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभांरभ डॉ. रंगनाथन की तैल चित्र पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केशरीलाल वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी डॉ. रंगनाथन जी को याद करते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि उनका कार्य आज हम सबको लाभ दे रहा है। रंगनाथन जी को याद करना पुस्तक और लाइब्रेरी को प्रतिपादित करता है। आज का दिन लाइब्रेरी में जो कार्य कर रहे हैं उन्हें सम्मानित करने का दिन भी है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में छात्रों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं में पुस्तक और पुस्तकालय की उपयोगिता बहुत अधिक बढ गई है। भले ही पुस्तकालय हमारे पास मोबाइल में ई-बुक, ई-जर्नल के माध्यम से उपलब्ध है बावजूद एक माहौल में बैठकर पढ़ने का महत्व अलग होता है। हमारे विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक निरंतर प्रयासरत रहते हैं कि यहां के छात्रों को पुस्तकालय में अलग-अलग तरह की पुस्तकें उपलब्ध होती रहें इसलिए हमारी लाइब्रेरी का संग्रह और नाम देश में प्रमुख लाइब्रेरी की श्रेणी में आता है। वर्मा ने अंत में ’लाइब्रेरियंस-डे’ के अवसर पर सभी को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए विद्याथियों से पुस्तकों को अपना अच्छा मित्र कैसे बनाएं इस दिशा में विचार करने की अपील की है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए ग्रंथपाल डॉ. सुपर्ण सेन गुप्ता ने कहा कि डॉ. रंगनाथन ने अपने जीवन में जो कुछ भी सीखा उसे उन्होंने किताबों के जरिए प्रस्तुत किया है। इसलिए रंगनाथन जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. हरीश कुमार साहू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल, डॉ. माया वर्मा विभागाध्यक्ष पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान अध्ययनशाला, डॉ. संतुराम कश्यप, डॉ. हरीश साहू, डॉ. पूर्णिमा कुमारी, डॉ. कीर्ति जाचक सहित अन्य विभागों के प्रोफेसर, ग्रंथालय के कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।