छत्तीसगढ़ में खत्म होंगे सहकारी सोसायटियों के चुनाव, भाजपा ने भूपेश सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का लगाया

छत्तीसगढ़ में खत्म होंगे सहकारी सोसायटियों के चुनाव, भाजपा ने भूपेश सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का लगाया रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहकारी सोसायटियों का चुनाव खत्म होने जा रहा है। प्रदेश की भूपेश सरकार ने सहकारी कानून में संशोधन कर दिया है, ये कानून अब राज्यपाल के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। लेकिन इससे पहले भाजपा हमलावर हो गई है। मंगलवार को प्रेस कान्फेस कर बीजेपी ने बड़ा आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र को खत्म कर रही है। सहकारी सोसायटी में चुनाव समाप्त कर दिया है। अब इसमें कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का मनोनयन होने जा रहा है।  बृजमोहन का कहना है कि कांग्रेस ने अगर किसानों का विकास किया है तो चुनाव से क्यों भाग रही है, चुनाव कराना चाहिए। लेकिन लोकतंत्र विरोधी, ये कांग्रेसी, तानाशाही सरकार, ऐसा नहीं करेगी। मनोनयन में अपने कांग्रेसी नेताओं को पद देकर उपकृत करना चाहती। कांग्रेस की यह छत्तीसगढ़ सरकार आदमखोर हो चुकी है। अब किसान विरोधी सरकार का जाना तय है।     वहीं अजय चंद्राकर ने कहा कि विधानसभा में भाजपा ने सहकारी कानून संशोधन पर मत विभाजन की बात कही थी, लेकिन ये अंधी सरकार नहीं मानी। अब राज्यपाल से निवेदन है कि वे इस संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर न करे। वहीं कोर्ट का रास्ता भी खुला हुआ है। कोर्ट में सरकार के फैसले को  चुनौती देंगे।  इधर, भाजपा के इन आरोपों पर कांग्रेस का जवाब बेहद ही निराशाजनक है।  कांग्रेस के पास आरोपों का ठीक-ठीक जवाब नहीं है। अगर वे सही है तो पाइंट टू पाइंट जवाब दे, इधर उधर की बात न करें। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष आनंद शुक्ला ने सिर्फ सवाल को टालने की कोशिश की है, जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा आदतन लोकतंत्र विरोधी है। 15 साल की सरकार को जनता भूली नहीं है। ये भाजपा के आरोपों का जवाब बिल्कुल भी नहीं है। कांग्रेस जवाब दें कि क्या वे सोसायटियों में चुनाव खत्म करना चाहती है। या नहीं चाहती है। आखिर संशोधन विधेयक क्यों पेश किया गया है। इससे किसानों को क्या फायदा होगा।