रायपुर। प्रदेश सरपंच संघ आज अपने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात की। सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों और समस्याओं के बारे में मंत्री को अवगत कराया। बैठक के दौरान बिलासपुर के जनपद पंचायत तखतपुर की ग्राम पंचायत जरौधा के सरंपच ईश्वर साहू और अन्य पदाधिकारियों ने ग्राम पंचायत के सचिव द्वारा कार्य में लापरवाही व ड्यूटी से गैर हाजिर रहने की शिकायत की। इस पर मंत्री चौबे ने तत्काल मनरेगा आयुक्त मोहम्मद कैसर अब्दुल हक को ग्राम पंचायत जरौधा के सचिव मनमोहन टंडन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मंत्री चौबे ने सरपंच संघ की मांगों पर कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरपंच के मानदेय को 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 4 हजार रुपये कर दिया है। ग्राम पंचायतों वित्तीय अधिकार में भी बढ़ोतरी की है। ग्राम पंचायतों को अब 50 लाख रुपये तक के कार्य कराने का अधिकार सौंपा गया है। आंदोलन समस्या का निदान नहीं मंत्री चौबे ने संघ के पदाधिकारियों से कहा कि आंदोलन और धरना प्रदर्शन किसी भी समस्या का निदान नहीं है। प्रदेश सरपंच संघ के पदाधिकारी जब चाहें उनसे मुलाकात कर अपनी बातें बता सकते हैं। 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग, मनरेगा के कार्यों के लिए अग्रिम राशि और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास की राशि में बढ़ोत्तरी किए जाने का मामला भारत सरकार से संबंधित है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से वह चर्चा कर आवश्यक पहल करने का आग्रह करेंगे। बैठक में प्रदेश सरपंच संघ के अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय, सचिव मोती पटेल, प्रवक्ता लक्ष्मी जायसवाल, महामंत्री कोपा कुंजाम आदि मौजूद रहे।