अंबिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर थाना में बुधवार देर रात एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्ममता से हत्या कर दी गई है। चीख सुनने के बाद भी ग्रामीणों ने तीनों को नहीं बचाया। वहीं आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया है। ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस गांव पहुंची। इसके बाद जांच शुरू किया गया। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है। अभी उससे पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लैंगा के चट्टीपारा में गुरुवार सुबह लोग उठे, तो तीन लोगों की हत्या की जानकारी हुई। पहले ग्रामीणों ने नाबालिग चंद्रिका का शव खून से लथपथ हालत में सड़क किनारे पड़ा देखा। उससे कुछ कदम की दूरी पर 50 वर्षीय मेघूराम सिरदार का शव भी खून से सना हुआ घर के बाहर पड़ा मिला। घर के अंदर 27 वर्षीय कलावती सिदार का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। तीनों की किसी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई है। मृतका कलावती अपने 10 साल के बेटे चंद्रिका सिरदार के साथ रहती थी। पास में ही ससुर मेघूराम सिरदार भी अकेले रहता था। पुलिस ने संदिग्ध आरोपी को लिया हिरासत में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान कलावती का शव कमरे में जमीन पर पड़ा था। तीनों की गला रेत कर जान ली गई है। घर का सारा सामान भी बिखरा पड़ा था। पूछताछ में ग्रामीणों ने बताया कि रात करीब 2-3 बजे जोरदार चीख की आवाज सुनाई दी, लेकिन कोई ऐसे ही शोर कर रहा होगा, इसलिए कोई नहीं गया। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में एक ग्रामीण को हिरासत में ले लिया है। उसके चेहरे और शरीर पर खून के धब्बे मिले हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच जारी है।
अवैध संबंधों के चलते हत्या की आशंका इस पूरे मामले में पुलिस ने अवैध संबंधों के चलते हत्या की आशंका जताई है। ग्रामीणों और परिवार के अन्य सदस्यों से से पूछताछ की जा रही है। कलावती बेचती थीं शराब ग्राम लैंगा वासियों का कहना है कि बुजुर्ग मेघूराम के चार बेटे हैं, लेकिन सब अलग-अलग रहते हैं। कलावती के पति भजन सिरदार की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। उसने खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद से कलावती घर में ही शराब बनाकर बेचने लगी। शराब पीने के लिए ग्रामीणों का घर में आना-जाना लगा रहता था। ग्रामीणों का कहना है कि कलावती के शराब बेचने से उसका देवर नाराज था। उसने हिदायत भी दी थी कि परिवार के मान-सम्मान के लिए शराब बनाना बंद कर दे, लेकिन कलावती ने बात नहीं मानी। वह अपने और बेटे को पालने के लिए शराब बनाकर गांव में बेचती थी।