बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक नियुक्ति आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) ने लोक शिक्षण संचालनालय के माध्यम से 9 मार्च 2019 में शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसके मुताबिक, पूरे प्रदेश भर में 2896 पदों पर शिक्षकों (E सेम वर्ग) की भर्ती की जानी थी। अब हाईकोर्ट ने गड़बड़ी की याचिका के बाद इस पर सरकार से जवाब मांगा हैै। अब इस मामले की सुनवाई 2 हफ्ते बाद होगी। आज सुनवाई जस्टिस पी सेमकोशी ने की। मिली जानकारी के मुताबिक, याचिकाकर्ता एके रात्रे इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए थे, लेकिन जब साल 2021 में रात्रे को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया तो उन्हें यह कहकर अयोग्य करार दे दिया कि आपने CTET (केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) लोक शिक्षण की परीक्षा के बाद उत्तीर्ण की है। विभाग के इस फैसले को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अधिवक्ता ईशान वर्मा के माध्यम से चुनौती दी। इसमें कहा गया कि जिस प्रकार छत्तीसगढ़ टेट (CGTET) परीक्षा पास किए लोगों को चयन किया गया और उसका रिजल्ट लोक शिक्षण विभाग की परीक्षा के बाद 2020 में आया था। ठीक उसी तरह उनका भी सेलेक्शन किया जाना चाहिए, क्योंकि केंद्रीय टेट परीक्षा का परिणाम भी 2020 में ही आया है।