सीएम बदलने का फॉर्मूला कांग्रेस में भी, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा

 चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कैप्टन के साथ उनके मंत्रिमंडल ने भी इस्तीफा सौंप दिया है। वह 20 विधायकों और अधिकतर पंजाब के सांसदों के साथ राजभवन पहुंचे। इसके बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राजभवन के बाहर से मीडिया से बात करते हुए कैप्टन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में तीसरी बार यह हुआ है। इससे वह अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुबह ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था और इसकी जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी दे दी थी। इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ''जिस पर आलाकमान को भरोसा है, उसे पंजाब का अगला मुख्यमंत्री बनाए। मुझे ऐसा लगा कि उन्हें मुझ पर भरोसा नहीं है।'' हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी कांग्रेस में ही हैं और भविष्य में समय आने पर फैसला लेंगे। उधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के विधायक दलों की शाम 5 बजे बैठक होगी। माना जा रहा है कि उसमें नए विधायक दल के नेता का चुनाव किया जा सकता है। पंजाब में कांग्रेस के दो बड़े चेहरे मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे हैं। अगर कैप्टन के ही हिंदू चेहरे के फॉर्मूले पर कांग्रेस काम करेगी तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पंजाब का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। वहीं अगर कांग्रेस ने सिख चेहरे को प्राथमिकता दी तो नवजोत सिंह सिद्धू का नाम सबसे आगे है।  पंजाब के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे सुनील जाखड़ कांग्रेस में एक प्रमुख हिंदू नेता हैं। जाखड़ मूलरूप से अबोहर के गांव पंजकोसी के रहने वाले हैं। उनके पिता बलराम कुमार जाखड़ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शामिल थे। उनका परिवार शुरू से ही कांग्रेस के साथ रहा है। जाखड़ 2002 में पहली बार अबोहर शहर के विधायक बने थे। अबोहर से लगातार तीन बार विधायक रहे जाखड़ 2012 से 2017 तक विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। वे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमबीए हैं।  क्या डॉ रमन सिंह ने कर्ज लेकर छत्तीसगढ़ का विकास किया, सीएम भूपेश ने ये क्या कह दिया… यह वीडियो देखें-