कृषि को छोड़ सभी उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे स्मार्ट मीटर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी सहमति...
रायपुर। कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसकी सहमति दे दी है। दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भारत सरकार के विद्युत, नवीन और नवीकरणीय उर्जा मंत्री राजकुमार सिंह द्वारा ली गई बैठक में शामिल हुए।
इस बैठक में सीेएम ने आज केन्द्रीय मंत्री से रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम को राज्य में लागू करने के संबध में विस्तार से चर्चा की। बैठक में बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा के उर्जा मंत्री और दमन-दीव के प्रशासक भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान स्मार्ट मीटर योजना को सैद्धांतिक सहमति देते हुए अन्य राज्यों के द्वारा बिजली सब्सिडी के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय सीमा दिए जाने की मांग का समर्थन किया। रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत प्रदेश में विद्युत अधोसंरचना को बढ़ाने के साथ ही इनके आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
इस योजना में कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। केन्द्र सरकार द्वारा इस योजना के तहत डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा 31 दि संबर 2021 निर्धारित की गई है।
इस योजना की अनुमानित लागत 9600 करोड़ रुपए है, जिसे मार्च 2025 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। इस मौके पर मुख्यमंत्री निवास में उर्जा विभाग के विशेष सचिव अंकित आनंद भी उपस्थित थे।
पूरे देश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर
बिजली मंत्रालय द्वारा अगस्त में जारी नोटिफिकेशन में कहा था कि दिसंबर 2023 तक सभी ब्लॉक लेवल सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट मीटर लगा दिया जाएगा। नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि राज्य बिजली आयोग इस डेडलाइन को दो बार और अधिकतम 6 महीने के लिए बढ़ा सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें वाजिब कारण भी बताने होंगे। नोटिफिकेशन के मुताबिक, धीरे-धीरे पूरे देश में मार्च 2025 तक प्रीपेड स्मार्ट मीटर लग जाएंगे।
नुकसान वाले जगह पर पहले लगेंगे प्रीपेड स्मार्ट मीटर
भारत सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, जिस भी यूनिट में अर्बन कंज्यूमर यानी शहरी उपभोक्ता 50 परसेंट से ज्यादा होंगे, और AT&C नुकसान 15 परसेंट से ज्यादा होगा, वहां 2023 तक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। अन्य जगहों पर यह 2025 तक लगा दिया जाएगा। AT&C का मतलब हुआ-सकल तकनीकी और वाणिज्यिक (Aggregate technical and commercial) नुकसान। जो खराब या अपर्याप्त बुनियादी ढांचे से या बिजली की चोरी या बिलों के भुगतान नहीं होने की वजह से होती हैं। जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क कमजोर है या फिर है ही नहीं, उन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति मौजूदा मीटरों के जरिए बहाल रखने को लेकर संबंधित क्षेत्रों में राज्यविनियामक आयोग अंतिम फैसला लेंगे।
क्या है प्रीपेड स्मार्ट मीटर
प्रीपेड मीटर ठीक उसी तरह से काम करता है जैसे प्रीपेड मोबाइल, मतलब जितना पैसा उतनी बिजली। हालांकि देश के कई हिस्सों में प्रीपेड मीटर का इस्तेमाल होता है। जिसे रिचार्ज करना होता है। केंद्र सरकार के दफ्तरों, इंडस्ट्रियल यूनिट्स में प्रीपेड मीटर लगने के बाद इसे देश भर में लागू किया जाएगा। सभी बिजली उपभोक्ताओं के घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा दिए जाएंगे। बिजली मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक कृषि को छोड़कर सभी जगह प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
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