Ayushman Bharat Digital Mission : स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम, अब हर देशवासी की होगी हेल्थ आईडी- पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (Ayushman Bharat Digital Mission) को लॉन्च किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने जनता को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित कर इस मिशन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। बीते 7 वर्षों से देश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का जो अभियान चल रहा है, वो आज से एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। इस योजना के तहत देश के हर नागरिक की हेल्थ आईडी तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को लॉन्च करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में ये एक क्रांतिकारी कदम है। देश की गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों के इलाज में इस योजना ने अहम भूमिका निभाई है, अब डिजिटल फॉर्म में आने से इसका विस्तार हो रहा है।  पीएम मोदी ने कहा कि अब हर किसी को हेल्थ आईडी मिलेगी। इसकी मदद से मरीज और डॉक्टर अपने रिकॉर्ड्स चेक कर सकते हैं। इसमें डॉक्टर्स, नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का रजिस्ट्रेशन होगा। अस्पताल-क्लीनिक-मेडिकल स्टोर्स का रजिस्ट्रेशन होगा। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए पीएम मोदी  बोले कि आज से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (Ayushman Bharat Digital Mission) भी पूरे देश में शुरु किया जा रहा है। ये मिशन देश के गरीब और मध्यम वर्ग के इलाज में जो दिक्कतें आती हैं, उन्हें दूर करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि तीन साल पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर पंडित जी को समर्पित आयुष्मान भारत योजना पूरे देश में शुरू हुई थी। मुझे खुशी है कि आज से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन भी पूरे देश में शुरू किया जा रहा है। कोरोना काल में आरोग्य सेतु एप और Co-WIN ने निभाई अहम भूमिका प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आरोग्य सेतु एप से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में बहुत मदद मिली। सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन अभियान के तहत भारत आज करीब-करीब 90 करोड़ वैक्सीन डोज लगा पाया है तो इसमें Co-WIN का भी बहुत बड़ा रोल है। कोरोना महामारी में टेलिमेडिसिन का विस्तार पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल में टेलिमेडिसिन का भी अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। ई-संजीवनी के माध्यम से अब तक लगभग सवा करोड़ रिमोट कंसल्टेशन पूरे हो चुके हैं। ये सुविधा हर रोज देश के दूर-सुदूर में रहने वाले हजारों देशवासियों को घर बैठे ही शहरों के बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों से कनेक्ट कर रही है। पुराने रिकॉर्ड भी होंगे चेक प्रधानमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल हेल्थ आईडी के माध्यम से मरीज भी और डॉक्टर भी पुराने रिकॉर्ड को जरूरत पड़ने पर चेक कर सकता है। इसमें डॉ, नर्स, पैरा मेडिक जैसे साथियों का भी रजिस्ट्रेशन होगा। देश के जो अस्पताल हैं, क्लीनिक हैं, लैब्स हैं, दवा की दुकानें हैं ये सभी भी रजिस्टर होंगी। पीएम मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (Ayushman Bharat Digital Mission) के तहत देशवासियों को अब एक डिजिटल हेल्थ आईडी मिलेगी। हर नागरिक का हेल्थ रिकॉर्ड डिजिटली सुरक्षित रहेगा। गांवों की चिकित्सा सेवाओं में सुधार की जरूरत पीएम मोदी ने कहा कि भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बहुत जरूरी है कि गांवों की चिकित्सा सेवाओं में सुधार हो। आज गांव और घर के निकट ही प्राइमरी हेल्थ केयर से जुड़े नेटवर्क को सशक्त किया जा रहा है। अभी तक ऐसे 80,000 सेंटर चालू हो चुके हैं।   गरीब और मध्यम वर्ग का दवाओं पर कम से कम खर्च हो पीएम मोदी ने कहा कि बेहतर मेडिकल सिस्टम के साथ ही ये भी जरूरी है कि गरीब और मध्यम वर्ग का दवाओं पर कम से कम खर्च हो। इसलिए केंद्र सरकार ने जरूरी दवाओं, सर्जरी के समान, डायालिसिस जैसी अनेक सेवाओं और समान को सस्ता रखा है। जानें इस मिशन का लक्ष्य इस मिशन का लक्ष्य देश के प्रत्येक नागरिक का का यूनिक हेल्थ कार्ड बनाना है। यह कार्ड पूरी तरह से डिजिटल होगा जो देखने में आधार कार्ड की तरह ही होगा। इस कार्ड पर आपको एक यूनिक नंबर मिलेगा, जैसा कि आधार कार्ड में होता है। इस नंबर  के द्वारा व्यक्ति की पहचान कर ली जाएगी जिससे स्वास्थ सेवा में और आसानी हो जाएगी। इस नंबर के जरिए डॉक्टर के पास भी लोगों का पूरा रिकॉर्ड रहेगा। shikshak parv-2021 : शिक्षक पर्व पर प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू की 5 योजनाएं, जानिए इसके बारे में 37वीं प्रगति मीटिंग : काम अटकाने वाले बाबुओं की खैर नहीं, पीएम मोदी ने मांगी लिस्ट, छत्तीसगढ़ के रेलवेे प्रोजेक्ट में देरी पर जताई नाराजगी!